अवैध रूप से बनाये धार्मिक स्थलों को हटाने के मामले में सरकार से मांगा जवाब

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से बनाये गये धार्मिक स्थलों को हटाने के मामले में गुरूवार को गंभीर रूख अख्तियार करते हुए राज्य सरकार से उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन के मामले में प्रगति रिपोर्ट अदालत में पेश करने को कहा है।

उच्च न्यायालय ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए एक जनहित याचिका दायर की है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की युगलपीठ में याचिका पर सुनवाई हुई।

राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत की ओर से इस मामले में अदालत को बताया गया कि उन्होंने इस मामले में 17 मई 2016 में एक नीति तैयार की थी। साथ ही उच्चतम न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने के लिये प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और सभी जिलाधिकारियों को अनुपालन करने के निर्देश जारी किये हैं।

सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि उन्होंने 02 और 30 दिसंबर, 2019 को सभी को पत्र लिखकर ऐसे मामलों में कार्यवाही करने के लिये सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं पुलिस कप्तानों को पत्र भेजा है। इसके बाद पूरे प्रकरण को सुनने के बाद अदालत ने सरकार से दो सप्ताह में विस्तृत जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं जबकि इस मामले में अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी।

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