मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बड़ा फैसला, दिहाड़ी मजदूरों के वेतन में की वृद्धि..यह संशोधित दरें गत एक अप्रैल से लागू होंगी - Naya India
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बड़ा फैसला, दिहाड़ी मजदूरों के वेतन में की वृद्धि..यह संशोधित दरें गत एक अप्रैल से लागू होंगी

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दिल्ली |  पिछले लॉकडाउन से अब तक सबसे अधिक पीड़ित मजदूर ही हुए है। लॉकडाउन लगने के कारण इनका काम  बंद हो गया। जिस वजह से मजदूरों को दो वक्त का खान भी नसीब नहीं हुआ। इन सभी परेशानियों के देखते हुए दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने दिहाड़ी कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन में वृद्धि की है। पिछले लॉकडाउन में मजदूरों की अपने घर पलायन करने की तस्वीर देखकर आज भी रूह कांप जाती है। अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सभी अधिसूचित रोजगारों में अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रेणियों के संबंध में न्यूनतम मजदूरी की संशोधित दरें गत एक अप्रैल से लागू होंगी। दिल्ली सरकार ने अब दिहाड़ी मजदूरों का वेतन बढ़ा दिया गया है। इस फैसले के बाद मजदूर वर्ग को राहत मिली है।

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महामारी में पीड़ित होने के कारण लिया फैसला

दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को एक बयान ज़ारी किया था। जिसमें उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक आदेश ज़ारी किया है जिसमें सभी अनुसूचित रोजगारों में अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और अन्य श्रमिकों के लिए महंगाई भत्ता एक अप्रैल-2021 से बढ़ा दिया गया है। उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा है कि यह कदम गरीब और जरूरतमंद मजदूर वर्ग के हितों के लिए उठाए गए हैं। इस महामारी में सबसे ज्याद पीड़ित मजदूर वर्ग ही हुआ है जिस कारण से यह फैसला लिया गया है। इस आदेश से क्लरिकल और सुपरवाइजर जैसी नौकरियों वालों को भी लाभ होगा। कोरोना महामारी में कोई काम ना होने के कारण मजदूर वर्ग को खाना नसीब नहीं हुआ। अपने भूखे बच्चों को लेकर मजदूर पैदल ही अपने गांव के लिए रवाना हो गए। यह सोचकर कि गांव में उन्हें दो वक्त की रोटी नसीब हो जाए।

कई खर्चों में कटौती के बाद लिया यह फैसला

उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि हमें हालांकि कई खर्चों में कटौती करनी पड़ी है, लेकिन मजदूर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। महामारी में शायद ही कोई ऐसा घर हो जो कोरोना से प्रभावित हुए बिना रहा हो। कोी कम तो कोई ज्यादा। कोरोना महामारी के कारण लोौगों के काम बंद थे। घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। फिर ऐसे में मंहगाई भी आसमान छू रही है। तेल और दालों जैसी दैनिक आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की परेशानी को बढ़ा दिया है। उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि वेतन में इस बढ़ोतरी से हमारे मजदूर भाइयों को थोड़ी राहत मिलेगी। दिल्ली की न्यूनतम मजदूरी देश में किसी भी अन्य राज्य की तुलना में सबसे ज्यादा है।

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ये रहेगा वेतन का हिसाब

बयान के मुताबिक, महंगाई भत्ते के तहत अकुशल मजदूरों का मासिक वेतन 15492 रुपये से बढ़ाकर 15908 रुपये कर दिया गया है। अर्धकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 17069 रुपये से बढ़ाकर 17537 रुपये किया गया है। कुशल श्रमिकों के लिए मासिक वेतन 18797 रुपये से बढ़ाकर 19291 रुपये किया गया है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों के पर्यवेक्षक और लिपिक संवर्ग के लिए न्यूनतम वेतन दरों में भी वृद्धि की गई है। गैर-मैट्रिक कर्मचारियों के लिए मासिक वेतन 17069 रुपये से बढ़ाकर 17537 रुपये और मैट्रिक के कर्मचारियों के लिए 18797 रुपये से बढ़ाकर 19291 रुपये कर दिया गया है। वहीं स्नातकों और उच्च शैक्षणिक योग्यता वाले लोगों के लिए मासिक वेतन 20430 रुपये से बढ़ाकर 20976 रुपये कर दिया  गया है।

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