बिहार : ‘बेटी-रोटी’ संबंध वाले नेपाल से तू-तू, मैं-मैं

पटना/सीतामढ़ी। वर्षो से बिहार और नेपाल का संबंध बेटी-रोटी का रहा है, लेकिन अब नेपाल सीमा पर तनाव बना हुआ है। पश्चिम चंपारण से लेकर पूर्णिया तक की सटी सीमाओं पर लगातार छोटी सी छोटी बातों को लेकर विवाद उत्पन्न होने के बाद से इस बेटी-रोटी के संबंध अब तू-तू, मैं-मैं की जगह ले ली है।

इस स्थिति में दोनों देशों के बीच संबंधों में भी तनाव बढ़ा है। पश्चिम चंपारण जिले के भिखनाठोरी बार्डर पर 27 मई को पहाड़ी नालों का पानी रोके जाने के कारण दोनों देशों के लोग आमने-सामने आ गए थे। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और गांवों का पानी रोके जाने से तनाव कायम है।

पूर्वी चंपारण के छौड़ादानो बर्डर पर भी तनाव बना हुआ है। यहां भी दो गांवों के बीच हुई रोड़ेबाजी के बाद दोनों देशों के अधिकारियों को विवाद सुलझाने के लिए पहल करनी पड़ी। इसी बीच, सीतामढ़ी के सोनबरसा थाना क्षेत्र में तो शुक्रवार को नेपाल सशस्त्र बल के जवानों द्वारा की गई फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत ने तो बेटी-रोटी के संबंधों में गांठ और बड़ी कर दी है।

अन्य सरहदों की सीमाएं भले ही कंटीली तारों से घिरी हो और सरहदी दीवारों के पास संगीनधारी सुरक्षा बल के जवानों का पहरा हो, लेकिन नेपाल की सीमा पर अपनों के रिश्ते के लिए कोई दीवार नहीं थी। दोनों देशों के लेाग इधर से उधर आसानी से जा पाते थे। बिहार के कई लोगों की जमीनें नेपाल में हैं, जबकि कई के संबंधी नेपाल में हैं।

सरहदों पर पहरेदार के रूप में तैनात जवान भी इन दोनों के रिश्तों को और मजबूत बनाने का प्रयत्न करते थे, लेकिन हाल की घटनाओं ने इस रिश्ते पर गांठ पड़ गई है। हालांकि सशस्त्र सीमा बल भी शुक्रवार को सीतामढ़ी की घटना के पीछे स्थानीय विवाद बता रहा है।

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