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खतरनाक हुआ तूफान बिपरजॉय

नई दिल्ली। अरब सागर में उठा तूफान बिपरजॉय खतरनाक हो गया है। अब यह भारत की ओर से बढ़ रहा है और अगले दो दिन में गुजरात और महाराष्ट्र में बड़ी तबाही मचा सकता है। इस चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

चक्रवाती तूफान बिपरजॉय पहले पाकिस्तान की ओर जा रहा था, लेकिन अब वह भारत की ओर मुड़ गया है और गुजरात की ओर बढ़ रहा है। खबर लिखे जाने तक तूफान पोरबंदर से दक्षिण-पश्चिम में करीब तीन सौ किलोमीटर दूर है। इसके 14-15 जून को गुजरात के तटीय इलाकों से टकराने की आशंका है। इस दौरान डेढ़ सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तूफान के भारत के तट से टकराने से पहले ही मुंबई और महाराष्ट्र के कई इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं। इस वजह से तटीय इलाकों से लोगों को हटाया जा रहा है।

बिपरजॉय के रूट बदलने के बाद गुजरात की राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की टीम ने राज्य के तटीय इलाकों से लोगों को हटाने का काम शुरू कर दिया है। एसडीआरएफ की 10 टीमें लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए तैनात की गई हैं। मौसम विभाग ने सौराष्ट्र, कच्छ सहित 10 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा मुंबई को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है, जहां सोमवार को ही समुद्र के तेवर दिखने लगे थे। इन दो राज्यों के अलावा पश्चिम में एक और राज्य राजस्थान में भी 16 जून को आंधी व बारिश होने की आशंका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के हालात की समीक्षा की और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इसके रास्ते में संवेदनशील स्थानों में रहने वाले लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जाए। यह चक्रवात बुधवार-गुरुवार को को गुजरात के कच्छ में पहुंच सकता है। प्रधानमंत्री ने चक्रवात से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए केंद्र और गुजरात सरकार की तैयारियों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों को बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी सभी आवश्यक सेवाओं के रख-रखाव को सुनिश्चित करने और किसी भी तरह की क्षति होने की स्थिति में उन्हें तुरंत बहाल करने का भी निर्देश दिया।

प्रधानमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने हफ्ते में सातों दिन 24 घंटे चलने वाले नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का आदेश दिया। बैठक में बताया गया कि गृह मंत्रालय 24 घंटे स्थिति की समीक्षा कर रहा है और राज्य सरकार और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। पीएमओ ने बताया कि एनडीआरएफ की 12 टीम नावों, पेड़ काटने के उपकरणों और संचार उपकरणों के साथ तैनात है। इसके अलावा 15 और टीमों को तैयार रखा गया है।

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