बीरेन ने की संवाद के जरिए संकट हल करने की अपील

इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मंगलवार को कहा कि किसी भी मुद्दे को बातचीत के जरिए हल किया जा सकता है और सरकार ने किसी भी गलतफहमी और मुद्दे को सुलझाने के लिए सभी के लिए अपना दरवाजे खोल रखे हैं।

सिंह ने पहली बटालियन मणिपुर राइफल्स के बैंक्वेट हॉल में आयोजित ‘कौमी एकता सप्ताह’ से संबंधित एक आयोजन में कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार से लगातार आग्रह कर रही है कि वह नागा शांति वार्ता पर परामर्श के लिए नागरिक समाज और राज्य के हितधारकों को आमंत्रित करे।

उन्होंने कहा कि सरकार केंद्र सरकार के निमंत्रण से पहले कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी (सीओसीओएमआई) के प्रतिनिधियों से मिलकर उनके साथ चर्चा करना चाहती है। उन्होंने सीओसीओएमआई और मणिपुर पीपुल अगेंस्ट सिटीजनशिप (एमेंडमेंट) बिल (एमएएनपीएसी) के प्रतिनिधियों से सरकार के साथ बातचीत के लिए आगे आने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन विधेयक के बारे में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री पहले ही आश्वस्त कर चुके हैं कि पूर्वोत्तर भारत के लोगों का हित विधेयक से प्रभावित नहीं होगा। बंद और सामान्य हड़ताल के नकारात्मक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बंद के कारण जमीनी स्तर के लोगों का रोजमर्रा के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि हमें अस्वीकार्य कारणों से समाज के कुछ विशेष वर्गों के द्वंदों का विरोध करना चाहिए।

सिंह ने कहा, हमें व्यक्तिगत और सामुदायिक हितों के लिए सोचने की बजाय सामूहिक कल्याण के विषय में सोचना चाहिए। हमें राज्य में समावेशी विकास के लिए हाथ मिलाना चाहिए। उन्होंने वर्तमान मुद्दों को संवेदनशील बताते हुए टेलीविजन चैनलों पर चर्चा के लिए आमंत्रित किये गये पैनलिस्टों से अपील की कि वे दिये गये विषय पर स्वस्थ चर्चा करें और ऐसा कुछ भी नहीं बोलें जिससे किसी भी समुदाय के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचे।

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