सीएबी के समर्थन पर फैसला स्पष्टीकरण के बाद : शिवसेना

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सहयोगी शिवसेना के सदस्यों ने राज्यसभा में अभी तक यह तय नहीं किया है कि वे नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 का समर्थन करेंगे या इसका विरोध करेंगे। शिवसेना के सदस्य संजय राउत ने बुधवार को कहा कि विधेयक के संबंध में कुछ संदेह हैं और अगर हमें सही जवाब नहीं मिला तो हम विधेयक के खिलाफ जाएंगे। राउत ने आईएएनएस से कहा हम उच्च सदन में चर्चा के बाद फैसला करेंगे। विधेयक में ऐसी कई चीजें हैं, जिन पर हम स्पष्टीकरण चाहते हैं।

सरकार ने उच्च सदन में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पेश किया है। सोमवार को लोकसभा में विधेयक को पास हो चुका है। शिवसेना सदस्य ने कहा क्या हमें संसद के बाहर और अंदर अपने विचारों को व्यक्त करने की स्वतंत्रता नहीं है। वे लोग भी हैं जो पूर्वोत्तर, असम और बंगाल में इस विधेयक के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। हमें कुछ संदेह है। हमारे कुछ प्रश्न हैं। अगर हमें सही उत्तर नहीं मिलते हैं, तो हम तय करेंगे कि हमें क्या करना है। विधेयक में कई चीजें हैं।

लोकसभा और राज्यसभा में उनकी पार्टी का रुख अलग-अलग क्यों है? इस पर राउत ने कहा यह ठीक है कि हमने लोकसभा में समर्थन किया, लेकिन राज्यसभा में हमारा रुख अलग है। अब रुख अलग है। हमारी पार्टी के विचार एक हैं। लेकिन हम वोट बैंक की राजनीति नहीं होने देंगे। उन्होंने सवाल किया कि भारत में एक बार फिर हिंदुओं और मुसलमानों के बीच फूट डालने की कोशिशें क्यों हो रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

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उन्होंने कहा यह मानवता से जुड़ा मामला है और इसे धर्म तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। हम अपना पक्ष स्पष्ट रखेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेता उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा है कि अगर उन्हें राज्यसभा में सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है पार्टी का रुख लोकसभा से अलग होगा। राउत ने यह भी कहा कि उन्हें देशभक्ति पर किसी से उपदेश की आवश्यकता नहीं है।

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