मप्र उपचुनाव में ‘बागी उम्मीदवारों’ को भाजपा ने साधना शुरू किया

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में विधानसभा की 24 सीटों पर होने वाले उप चुनाव के लिये राजनीति पार्टियां अपनी अपनी बिसात बिछाने में लगे हैं। इस सीटों पर जीत और हार से शिवराज सरकार का भविष्य टिका है। ऐसे में दोनों ही प्रमुख दलों की ओर से रणनीति बनायी जा रही है।

ऐसे में आशंका है कि टिकट के बंटबारे के बाद दोनों ही दलों में बगावत होगी। ऐसी स्थिति में अगर इन सीटों पर बागी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतर गए तो खेल बिगड़ सकता है। इस परिस्थिति में भाजपा की ओर से कोशिशें शुरू हो गई है।

भाजपा सूत्रों के मुताबिक जो लोग विधानसभा की सदस्यता और कांग्रेस से इस्तीफा देकर पार्टी में शामिल हुए हैं, उनको टिकट मिलना तय है। ज्यादा से ज्यादा इसमें एक-दो फेरबदल हो सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस असंतुष्ट भाजपा नेताओं को पार्टी में शामिल करवा रही है। इस तरह वहां भी बहुत से दावेदारों की उम्मीद टूटनी तय है। अब चुनाव लड़ने की आस में अपनी-अपनी जमीन तैयार कर रहे दोनों दलों के नेता टिकट न मिलने पर निर्दलीय भी आ सकते हैं।

इस बावत मध्यप्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता हितेश वाजपेयी ने आईएएनएस से कहा, इस मुद्दे पर कोई संदेह ही नहीं है। सिंधिया जी के साथ जो विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आये थे, उनमें से अधिकतर को टिकट मिलना तय है। ऐसे में अपने कार्यकर्ता को मनाया जा रहा है। सभी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता है , लिहाजा कोई बड़ी समस्या नहीं होगी।

इस बीच भाजपा के मीडिया वार्ताकार कृष्ण गोपाल पाठक कहते हैं, कार्यकर्ताओं से संवाद पार्टी की निरंतर प्रक्रिया है और जब चुनाव करीब होते हैं तो अलग-अलग वर्गो के साथ कार्यकर्ताओं से भी संवाद स्थापित किए जाते हैं। वर्तमान में उपचुनाव के मद्देनजर भी ऐसा ही कुछ हो रहा है।

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