भाजपा की जम्मू कश्मीर डिजिटल रैली फ्लॉप शो : कांग्रेस

जम्मू। कांग्रेस की जम्मू कश्मीर इकाई ने केंद्रशासित प्रदेश में भाजपा की जनसंवाद रैली को फ्लॉप शो बताया और दावा किया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चीन और पाकिस्तान जैसे अशांत पड़ोसियों को कड़ा और स्पष्ट संकेत देने में नाकाम रहे ।

यह भी आरोप लगाया गया कि बाहरी चुनौतियों के अलावा कोरोना वायरस महामारी के संकट के दौरान भी भाजपा को अपने राजनीतिक हितों की ज्यादा फिक्र है ।जम्मू कश्मीर के लिए डिजिटल तरीके से जन संवाद रैली को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने रविवार को कहा कि भारत ने अपने राष्ट्रीय गौरव से कभी समझौता नहीं किया है और जोर दिया सुरक्षा क्षमता बढ़ी है और अब देश पहले जैसा कमजोर नहीं है ।

रक्षा मंत्री के संबोधन पर प्रतिक्रिया जताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि सिंह धौंस दिखा रहे और भारतीय क्षेत्र का अतिक्रमण करने वाले अशांत पड़ोसियों को कड़ा और स्पष्ट संदेश देने में असफल रहे । कांग्रेस नेता ने एक बयान में कहा, उम्मीद थी कि वह दोहराएंगे कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर सहित अपने सभी क्षेत्र की एक-एक इंच जमीन हम वापस लेंगे लेकिन उन्होंने दो बार दोहराया कि देश की सैन्य क्षमता केवल आत्मरक्षा के लिए है, किसी देश को डराने के लिए नहीं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि चीन के साथ आंख से आंख मिलाकर बात करेंगे और पाकिस्तान को सबक सिखाएंगे । वादों का क्या हुआ ?

हालांकि, उन्होंने कहा कि बाहरी चुनौतियों से निपटने के लिए समूचा देश कंधे से कंधा मिलाकर सैन्य बलों और सरकार के साथ खड़ा है।डिजिटल रैली को फ्लॉप शो बताते हुए शर्मा ने कहा कि अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बारे में भाजपा के एजेंडा को पूरा करने का ही सिर्फ उल्लेख किया गया लेकिन निरस्त करने की कार्रवाई के बाद खासकर क्षेत्र के युवाओं के बीच बढ़े असंतोष पर कोई बात नहीं की गयी। पीसीसी प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने 10 महीने बीतने के बावजूद जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने, बढ़ती बेरोजगारी पर बात नहीं की जबकि 50,000 नौकरियां देने का आश्वासन दिया गया था।

शर्मा ने कहा कि मूल निवासी कानून, 4जी मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल करने और जम्मू के लोगों पर टोल का बोझ जैसे अन्य मुद्दों पर चर्चा नहीं की गयी ।जनता के मुद्दों को उठाने में नाकामी पर स्थानीय भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे केवल पीठ थपथपाने में व्यस्त रहे और युवाओं, विस्थापित लोगों, सीमा पर लगातार गोलीबारी का शिकार होने वाले लोगों, पाकिस्तान द्वारा आए दिन संघर्षविराम उल्लंघन के मुद्दों को नहीं उठाया गया ।

उन्होंने कहा, कोविड-19 के संकट के समय लोग मर रहे हैं और भाजपा को अपने राजनीतिक हितों की ज्यादा चिंता है । मोदी सरकार और सत्ताधारी पार्टी द्वारा ऐसे वक्त राजनीतिक रैली का आयोजन करना दुर्भाग्यपूर्ण है ।

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