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सीएए का विरोध जारी रहेगा: दिग्विजय

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के सत्तारूढ दल कांग्रेस के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनसीआर) काे लेेकर कांग्रेस का विरोध लगातार जारी रहेगा।

सिंह आज यहां सीएए के विरोध में सीपीआई (एम) के द्वारा आयोजित रैली में हिस्सा लेने पहुंचे थे।

उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने पहले ही सीएए, एनपीआर और एनआरसी का देशव्यापी विरोध कर रही है। इसलिए मध्यप्रदेश सरकार भी इसके खिलाफ है। इससे पूरे देश की 130 करोड़ की जनसंख्या प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी से ध्यान हटाने के लिए सीएए, एनपीआर और एनआरसी को सामने लेकर आयी है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार इसके खिलाफ एक प्रस्ताव ला सकती है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण का ट्रस्ट सरकार ने सही तरीके से नहीं बनाया। इसमें रामाश्रय संप्रदाय और अखाड़ा परिषद के संतों को शामिल नहीं किया गया है। हिंदू आतंकवाद को लेकर सिंह ने कहा कि भाजपा के दोनों नेताओं के खिलाफ मानहानि का नोटिस भेजा जा रहा है।

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भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता सीताराम येचुरी ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि पूरे देश में सीएए, एनपीआर और एनआरसी का विरोध हो रहा है और केन्द्र सरकार ने सीएए कानून बनाकर देश को अस्थिरता में झोंककर ध्रुवीकरण करके सांप्रदायिक राजनीति शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ कि देश में नागरिकता को धर्म से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि सीएए आगे चलकर एनपीआर और एनआरसी में बदलेगा और ये तीनों आपस में जुड़े हुए हैं। यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि एनपीआर केवल जनगणना जैसा है। यूपीए सरकार के समय एनपीआर का प्रोजेक्ट फेल हो गया था। यही कारण है कि देश के 13 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसका विरोध किया है।

इस मौके पर जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व नेता शरद यादव ने पत्रकारों से कहा कि देश में सीएए, एनपीआर और एनआरसी लागू करके केन्द्र सरकार संविधान के विपरीत काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के सामने बेरोजगारी, आर्थिक मंदी जैसे मुद्दे हैं। नोटबंदी, जीएसटी से वैसे ही लोगों की कमर टूट गई और सीएए जैसे कानून बनाकर सरकार संविधान के विपरीत काम कर रही है।

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