केंद्र ने जम्मू-कश्मीर के किसानों को दी बड़ी राहत

>जम्मू। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 को निरस्त हुए एक वर्ष होने वाला है। केन्द्र शासित प्रदेश बन चुके जम्मू-कश्मीर के किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने प्रदेश की दो बड़ी सब्जी एवं फलों की मार्केट को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ दिया है। सरकार के इस कदम से किसानों को बिचौलियों से बड़ी राहत मिलेगी।

आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि केन्द्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर की दो बड़ी मंडियों को राष्ट्रीय कृषि मार्केट से जोड़ दिया है ताकि किसान बिचौलियों की बजाये सीधे अपनी फसल बेच सकें और उन्हें उनकी फसलों के बेहतर दाम मिल सके।

इनमें से एक मंडी जम्मू में है जबकि दूसरी मंडी श्रीनगर में है। केन्द्र सरकार के इस फैसले को लेकर कई किसानों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
जम्मू की नारवाल मंडी के एक किसान ने केन्द्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मोदी सरकार की ओर से किसानों को यह बड़ा उपहार है। इससे किसानों में अधिक उत्पादन करने का जोश बढ़ेगा। जम्मू की नारवाल मंडी उत्तर भारत की शीर्ष सब्जी मंडियों में गिनी जाती है।

गौरतलब है कि पांच अगस्त 2019 काे केन्द्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 और अनुच्छेद-35ए को निरस्त कर इसे दो केन्द्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा की थी। इस फैसले के साथ ही पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला के अलावा घाटी के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था। इस वर्ष मार्च में पहले फारूक अब्दुल्ला और फिर उमर अब्दुल्ला को रिहा कर दिया गया था।

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