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Chhath 2022: खरना पर बन रहा शुभ योग, आज पूजा से होगी सभी मनोकामना पूरी

नई दिल्ली | Chhath 2022: महापर्व छठ 2022 की कल से शुरूआत हो चुकी है। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व का आज दूसरा दिन है जिसे ‘खरना’ (kharna puja 2022) भी कहा जाता है। छठ पूजा में खरना का बहुत महत्व होता है। आज के दिन से ही छठ व्रतियों की पूजन शुरू हो जाती है।

Chhath 2022: खरना के दिन छठ व्रती निर्जला उपवास करते हैं। छठ व्रती और परिवारजन पूरी शुद्धता और पूरी आस्था के साथ गंगा घाटों पर जाते हैं। आज छठ पूजा प्रसाद में गंगाजल का विशेष महत्व होता है।

सूर्याेदय और सूर्यास्त का समय
– आज सूर्याेदय सुबह 6ः25 बजे।
– सूर्यास्त शाम 5ः35 बजे।

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खरना के दिन छठ पूजा
– खरना के दिन दूध और गंगाजल, गुड़ एवं अरवा चावल मिलाकर खीर बनाई जाती है। इस दिन गुड़ का भी विशेष महत्व होता है।
– खीर के साथ ही गेहूं के आटे की रोटी बनाई जाती है।
– छठ पर बनने वाला प्रसाद आम की लकड़ी की आंच पर बनाया जाता है।
– छठ व्रती पूरे दिन उपवास रखकर शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद बनाते हैं।
– शाम को सूर्य अस्त के समय भगवान सूर्य नारायण और छठ माईया की पूजा करते हैं।
– खरना की पूजा पर भगवान को केले के पत्ते पर अलग से प्रसाद चढ़ाया जाता है।
– केले के पत्ते नहीं मिलने पर मिट्टी के बर्तन में भी भगवान सूर्य को खरना का प्रसाद चढ़ाया जाता है।
– छठ व्रती द्वारा खरना करने के बाद सूर्य भगवान के लिए निकाला गया प्रसाद परिवार के सभी सदस्यों और लोगों को दिया जाता है।
– खरना के बाद छठ व्रती 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखते हैं।

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सालों बाद खरना पर बना शुभ योग
Chhath 2022: ज्योतिषशास्त्रानुसार इस बार खरना के दिन बहुत ही शुभ योग बना है जो काफी सालों बाद आया है। खरना पंचमी तिथि में होता है परंतु आज 10ः28 बजे तक चौथ है। आज का दिन शनिवार है। शनिवार को चौथ का दिन होने पर रिक्ता तिथि में बदलाव जाता है। आज के दिन किसी भी प्रकार का कोई भी शुभ कार्य या पूजन करने पर सिद्धि होती है और हर मनोकामना पूरी होती है। इसी के साथ आज 12ः05 बजे से मूल नक्षत्र चढ़ रहा है। खरना का समय मूल नक्षत्र में ही होगा जो काफी शुभ माना जाता है।

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