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बहादुर शहीद बच्चों के नाम पर मनाया जाये बाल दिवस

जींद। डीएवी संस्थाओं के क्षेत्रीय निदेशक डा. धर्मदेव विद्यार्थी ने कहा है बाल दिवस पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के वजाय बहादुर शहीद बच्चों के सम्मान में मनाया जाना चाहिये। डा. विद्यार्थी ने आज यहां डीएवी स्कूल में विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि देश महापुरूषों के दिवस मनाता है

लेकिन ऐसे बच्चे जो बहादुरी का परिचय देते हुये देश और धर्म के लिए हंसते हंसते शहीद हो गए उनके सम्मान में क्यों कोई दिवस नहीं है। उन्होंने कहा कि बाल दिवस का

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श्री नेहरू से कोई सम्बंध नहीं है क्योंकि न तो वह बालक थे और न ही उन्होंने अपने बालकपन में कोई ऐसा कार्य किया  कि जिसके लिये बाल दिवस मनाया जाये। उन्होंने कहा कि बालवीरों से इतिहास भरा पड़ा है और उनके सम्मान में बाल दिवस को शहीदी बाल दिवस घोषित करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक लाख पत्र भेजे जाएंगे। हरियाणा में स्कूली छात्र पूरे प्रदेश में बाद दिवस को शहीदी बाल दिवस घोषित करने की मांग को लेकर अभियान चलाएंगे

और शहीद फतेह सिंह और जोरावर सिंह के नाम पर बाल दिवस घोषित करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि फतेह सिंह ने मात्र छह वर्ष और जोरावर सिंह ने नौ वर्ष की आयु में बलिदान दे दिया था। इन दोनों को जिंदा दीवारों में चिनवा दिया गया था लेकिन वे मौत के भय से भी टस से मस न हुए। इनके अलावा जिनमें वीर अभिमन्यु, भक्त प्रल्हाद, हकीकत राय, रघुनाथ, मैना, कालीबाई, दतु रंगारी, शंकर भाई, त्रिलोकीनाथ

जैसे अनेक बालवीरों ने बचपन में ही अपनी शहादत देकर देश और धर्म की रक्षा की। यदि बाल दिवस मनाना है तो इन बहादुर शहीद बच्चों के नाम पर मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर जींद के बच्चों ने प्रधानमंत्री को 20 हजार पत्र लिखकर फतेह सिंह और जोरावर सिंह के नाम पर बाल दिवस घोषित करने की मांग की है तथा इस मांग को लेकर प्रदेश के बालक एक लाख और पत्र प्रधानमंत्री को भेजेंगे।

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