चीन और भारत को सहयोगी बनना चाहिए: चीनी राजदूत - Naya India
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चीन और भारत को सहयोगी बनना चाहिए: चीनी राजदूत

नई दिल्ली। भारत में चीनी राजदूत सून वेदोंग ने कहा है कि चीन और भारत सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति नहीं चाहते हैं और दोनों देशों को प्रतिद्वंद्वी के बजाय एक दूसरे का सहयोगी बनना चाहिए।

वेदोंग ने चीन-भारत संबंधों पर आज जारी वीडियो में कहा कि लद्दाख की गलवान घाटी में चीन-भारत सीमा पर 15 जून को जो कुछ भी हुआ था वैसी स्थति भारत और चीन देखना नहीं चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि पांच जुलाई को चीनी विदेश मंत्री वांग यी और भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच फोन पर बातचीत हुई और इस दौरान दोनों के बीच सीमा पर तनाव को कम करने को लेकर सकारात्मक सहमति बनी। चीनी राजदूत ने कहा, वर्तमान में हमारे सैनिक, सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत के दौरान बनी आम सहमति के आधार पर क्षेत्र में तैनात हैं।

वेदोंग ने कहा कि गलवान घाटी में हाल में जो कुछ हुआ उसके कारण भारत में कुछ लोग चीन और भारतीय नेताओं के बीच बनी आम सहमति पर संदेह जता रहे हैं और चीन-भारत के संबंधों को लेकर गलत धारणा बना रहे हैं। इन सब चीजों के कारण दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में व्यवधान आया है।

उन्होंने कहा, इस मामले में, मुझे लगता है कि दोनों देशों के संबंधाें के कुछ मूलभूत बिंदुओं को स्पष्ट करना अनिवार्य हो गया है। चीनी राजदूत ने कहा, चीन और भारत को प्रतिद्वंद्वी के बजाय एक दूसरे का सहयोगी बनना चाहिए। चीन और भारत के बीच 2,000 से अधिक वर्षों का दोस्ताना संबंध रहा है। दोनों के बीच अधिकतर समय संबंध मित्रतापूर्ण ही रहे हैं।

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