ताजा पोस्ट | देश | विदेश

चीन ने फिर दिया धोखा:  मदद का वायदा कर मेडिकल इक्विपमेंट्स की आपूर्ति करने वाली उड़ानों को  15 दिनों के लिए किये बंद

New Delhi: चीन ने जब भारत की ओर मदद के हाथ बढ़ाएं थे तब ही भारत को ये समझ जाना चाहिए था कि ये कुछ ज्यादा हो रहा है. मदद की बात के कुछ ही दिनों बाद यह सामने भी आ गया है कि चीन सिर्फ दिखावा कर रहा था. बता दें कि चीन की सरकारी विमानन कंपनी सिचुआन एयरलाइंस ने भारत के लिए जाने वाली अपनी सभी कार्य को फ्लाइट्स को अगले 15 दिनों के लिए रोक दिया है. इसका मतलब यह हुआ कि भारत पहुंचने वाली अति आवश्यक ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सीय उपकरण की आपूर्ति अगले 15 दिनों तक बाधित रहेगी. चीन की इस करतूत के कारण चीन के निजी मिलने वाले मेडिकल इक्विपमेंट्स में परेशानी होना तय माना जा रहा है. इससे देश में एक बार फिर से ऑक्सीजन की भारी कमी होने के आसार लगाए जा रहे हैं.

मौके का फायदा उठा रहा है चीन

ऐसे चीन का धोखा देना कोई नई बात नहीं है पहले से ही चीन अपने धोखे के लिए ही दुनिया में जाना जाता रहा है. जानकारी के अनुसार ऑक्सीजन का आयात कर रही भारतीय कंपनियों ने सरकार को बताया है कि चीन ने ऑक्सीजन संबंधी इक्विपमेंट्स की कीमतों में 35 से 40% तक की बढ़ोतरी कर दी है.  इतना ही नहीं भारत को सामान पहुंचाने में लगने वाली फीस में भी चीन ने 34% की बढ़ोतरी कर दी है.  माना जा रहा है कि चीन भारत में पहले कोरोना महामारी के मौके का फायदा उठाना चाह रहा है और इससे वह करोड़ों की कमाई करना चाहता है.

इसे भी पढें- Madras High Court ने कहा कोरोना के दूसरे लहर के लिए चुनाव आयोग दोषी, चलना चाहिए हत्या का मुकदमा

क्या कहा चीन में

चीन की ओर से इक बाबत कहा गया है कि भारत में अचानक हुए बदलाव के कारण ऑक्सीजन इक्विपमेंट बनाने के जॉब मटेरियल में काफी कमी आई है.  इन्हीं कारणों से अगले 15 दिनों के लिए उड़ानों को स्थगित करने का फैसला लिया गया है.  चीन की ओर से कहा गया कि भारतीय मार्ग हमेशा से ही सिचुआन एयरलाइंस का मुख्य राजनीतिक मार्ग रहा है.  ऑपरेशन के रुकने से हमारी कंपनियों को भी भारी नुकसान होगा लेकिन हम इन बदली परिस्थितियों के लिए माफी मांगते हैं.

इसे भी पढें- Corona Impact: जूम एप से मीटिंग और ऑनलाइन क्लासेज को बहुत देख लिये अब देखें ‘वर्चुअल शादी’

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा पोस्ट | समाचार मुख्य

कोरोना से मरने वालों के परिजनों को सरकार मुआवजा नहीं दे सकेगी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह कोरोना से मरने वाले हर मरीज के परिजनों को मुआवजा नहीं दे सकती है। कोरोना से मरे लोगों के परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा दायर किया है, जिसमें उसने कहा है कि वह सबको मुआवजा नहीं दे सकती है। केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा है कि कोरोना से जिनकी मौत हुई है, उनके परिवारों को सरकार चार लाख रुपए का मुआवजा नहीं दे सकेगी। साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कोरोना से होने वाली हर मौत को कोविड मौत के रूप में दर्ज किया जाएगा।

सरकार ने कहा है कि आपदा कानून के तहत अनिवार्य मुआवजा सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़ आदि पर ही लागू होता है। सरकार का कहना है कि अगर एक बीमारी से होने वाली मौत पर मुआवजा दिया जाए और दूसरी पर नहीं, तो यह गलत होगा। केंद्र ने 183 पन्नों के अपने हलफनामे में यह भी कहा है कि इस तरह का भुगतान राज्यों के पास उपलब्ध राज्य आपदा मोचन कोष यानी एसडीआरएफ से होता है। अगर राज्यों को हर मौत के लिए चार लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया गया, तो उनका पूरा फंड ही खत्म हो जाएगा।

केंद्र का कहना है कि अगर कोरोना से मरे लोगों को चार लाख का मुआवजा देने का राज्यों को निर्देश दिया गया तो इससे कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई के साथ ही बाढ़, चक्रवात जैसी आपदाओं से भी लड़ पाना असंभव हो जाएगा। केंद्र ने अदालत को बताया कि कोरोना से होने वाली सभी मौतों को कोविड से हुई मौत के रूप में ही रिकार्ड किया जाना चाहिए। फिर चाहे वह मौतें कहीं भी क्यों न हुईं हों।

गौरतलब है कि अब तक सिर्फ अस्पतालों में हुई कोरोना संक्रमितों की मौत को ही कोविड डेथ के रूप में रिकार्ड किया जाता था। घर पर या अस्पताल की पार्किंग या गेट पर होने वाली मौतों को भी कोविड रिकार्ड में दर्ज नहीं किया जा रहा था। इस वजह से मौत के आंकड़ों में विसंगतियां देखने को मिल रही थीं। सरकार ने इस तरह की हर मौत को कोविड डेथ के रूप में दर्ज करने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को करेगा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *