वाशिंगटन। यूरोप को सप्लाई होने वाले रूसी तेल और गैस को लेकर अमेरिका, यूरोप और रूस के बीच टकराव बढ़ रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस से गैस खरीदने के लिए खरीदार देशों को रूसी बैंक में खाते खुलवाने होंगे और रूबल में भुगतान करना होगा। पुतिन ने कहा कि रूस से प्राकृतिक गैस खरीदने के लिए विदेशी खरीदारों को रूसी बैंकों में रूबल खाते खुलवाने होंगे। आज से इन्हीं खातों से गैस आपूर्ति के लिए भुगतान स्वीकार किया जाएगा।
इस बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका ने मदद शुरू की है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन पर हमले के बाद से तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने के लिए अगले छह महीनों तक हर दिन 10 लाख बैरल तेल जारी करने की घोषणा की है। व्हाइट हाउस ने कहा कि यूक्रेन में सैन्य आक्रमण के कारण रूस पर अमेरिका सहित कई देशों के आर्थिक प्रतिबंधों से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं।
अमेरिका ने रूस की और नकेल कसते हुए वहां की तकनीकी कंपनियों पर नई पाबंदी लगाने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि नए प्रतिबंध 34 संगठनों और कई व्यक्तियों पर लगाए गए हैं। इनमें ऐसी कंपनियां भी हैं जो रक्षा क्षेत्र के लिए कंप्यूटर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स बनाती हैं। अमेरिके का साथ साथ ब्रिटेन ने भी यूक्रेन में जंग के बारे में दुष्प्रचार और गलत जानकारी फैलाने के आरोप में एक दर्जन से अधिक रूसी मीडिया हस्तियों और संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। ब्रिटिश विदेश मंत्री लिज ट्रस ने कहा कि ये प्रतिबंध पुतिन की फर्जी खबरों को परोसने वाले प्रचारकों पर लगाए गए हैं।