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दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने में कांग्रेस की अहम भूमिका: सोनिया

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल है लेकिन देश की राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कांग्रेस की सरकारों ने जो काम किया उसको भुलाया नहीं जा सकता।

सोनिया गांधी ने मंगलवार को सेंटर फार सांइस एंड एनवायरमेंट-सीएसई को वर्ष 2018 के प्रतिष्ठित ‘इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण तथा विकास’ पुरस्कार से सम्मानित करने के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

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समारोह में पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने सीएसई की सुनीता नारायण को यह पुरस्कार प्रदान किया। इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी तथा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित कई प्रमुख लोग मौजूद थे। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिस दिल्ली में हम रहते हैं, उसे अब दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर में गिना जाता है। वाहनों को सीएनजी से चलाने का जब निर्णय लिया गया था, उस समय दिल्ली में वायु गुणवत्ता को याद कीजिए।

उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन सीएसई और तत्कालीन कांग्रेस सरकार के प्रयासों से ही संभव हो पाया था। उन्होंने कहा कि 1980 में इंदिरा गांधी के शुरुआती साक्षात्कारों में पूर्व प्रधानमंत्री ने चिपको आंदोलन की बात की थी जिसमें उन्होंने भारत के जंगलों तथा वन्य जीवों के संरक्षण की बात की थी। बाद में उन्होंने वन संरक्षण विधेयक पारित किया जिससे वन्य जीव संरक्षण के प्रति उनका प्रेम प्रदर्शित होता है।

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कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह संस्थान पूर्व प्रधानमंत्री की भावनाओं के अनुकूल पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि 1971 में जब देश के पूर्वी हिस्से में पाकिस्तान के कारण संकट खड़ा हुआ था, उस संकटपूर्ण माहौल में भी उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के लिए अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बाघ परियोजना शुरू की जिसने बाघों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी एक मात्र विदेशी राष्ट्र प्रमुख थी जिन्होंने जून 1972 में पहले मानवीय प्रदूषण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन को संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी जल, जंगल, वन्य जीव और पर्यावरण के संरक्षण के लिए चिंतित रहती थीं इसलिए उन्होंने वन संरक्षण विधेयक लेकर आयी। अंसारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने स्टाकहोम में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जो विजन दिया था उसी सोच के तहत दुनिया आज आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उनकी सोच को आगे बढ़ाने के लिए दशकों से दिया जा रहा है और उम्मीद जताई कि आगे भी इसी तरह के व्यक्तियों तथा संस्थानों को सम्मानित किया जाता रहेगा। सेंटर फार एन्वायरोमेंट की सुनीता नारायण ने हामिद अंसारी से पुरस्कार लेने के बाद कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की जो स्थिति है, उसके लिए हम ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि यहां की जमीन उसके बड़े हिस्से पर सड़कों का जाल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।

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