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बॉलीवुड पर कोरोना का कहर, अक्षय कुमार के बाद गोविंदा भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए

Mumbai | बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार (Akshay Kumar) कोरोनावायरस (Coronavirus) की जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं और उन्होंने खुद को क्वारंटाइन कर लिया है। उनके बाद अब अभिनेता गोविंदा (Govinda) कोरोना पॉजिटिव (Corona positive) पाए गए हैं और इस वक्त अपने घर पर अलगाव में है।

अभिनेता ने कहा है कि वह डॉक्टरों की देखरेख में हैं। आज सुबह कोरोना पॉजिटिव हुए गोविंदा (Govinda) ने अपने संपर्क में आए लोगों से जांच करवा लेने का अनुरोध किया है। अपनी सेहत के बारे में बात करते हुए अभिनेता ने कहा है, मैंने अपना जांच कराया है और वायरस को दूर रखने के लिए सभी सावधानियां बरत रहा हूं।

आज सुबह हल्के लक्षणों के साथ मैं कोरोना पॉजिटिव (Govinda)पाया गया हूं। घर में बाकी सभी नेगेटिव आए हैं। सुनीता (पत्नी) कुछेक हफ्ते पहले कोविड-19 (Kovid-19) से ठीक हुई है। उन्होंने आगे कहा, मैं इस वक्त घर पर क्वारंटाइन में हूं और सभी चिकित्सकीय दिशानिर्देशों (medical guidelines) का पालन कर रहा हूं। उन्होंने कहा, मैं हर किसी से सावधानी बरतने का अनुरोध करता हूं। कृपया अपना ध्यान रखें।

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कोरोना से मरने वालों के परिजनों को सरकार मुआवजा नहीं दे सकेगी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह कोरोना से मरने वाले हर मरीज के परिजनों को मुआवजा नहीं दे सकती है। कोरोना से मरे लोगों के परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा दायर किया है, जिसमें उसने कहा है कि वह सबको मुआवजा नहीं दे सकती है। केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा है कि कोरोना से जिनकी मौत हुई है, उनके परिवारों को सरकार चार लाख रुपए का मुआवजा नहीं दे सकेगी। साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कोरोना से होने वाली हर मौत को कोविड मौत के रूप में दर्ज किया जाएगा।

सरकार ने कहा है कि आपदा कानून के तहत अनिवार्य मुआवजा सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़ आदि पर ही लागू होता है। सरकार का कहना है कि अगर एक बीमारी से होने वाली मौत पर मुआवजा दिया जाए और दूसरी पर नहीं, तो यह गलत होगा। केंद्र ने 183 पन्नों के अपने हलफनामे में यह भी कहा है कि इस तरह का भुगतान राज्यों के पास उपलब्ध राज्य आपदा मोचन कोष यानी एसडीआरएफ से होता है। अगर राज्यों को हर मौत के लिए चार लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया गया, तो उनका पूरा फंड ही खत्म हो जाएगा।

केंद्र का कहना है कि अगर कोरोना से मरे लोगों को चार लाख का मुआवजा देने का राज्यों को निर्देश दिया गया तो इससे कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई के साथ ही बाढ़, चक्रवात जैसी आपदाओं से भी लड़ पाना असंभव हो जाएगा। केंद्र ने अदालत को बताया कि कोरोना से होने वाली सभी मौतों को कोविड से हुई मौत के रूप में ही रिकार्ड किया जाना चाहिए। फिर चाहे वह मौतें कहीं भी क्यों न हुईं हों।

गौरतलब है कि अब तक सिर्फ अस्पतालों में हुई कोरोना संक्रमितों की मौत को ही कोविड डेथ के रूप में रिकार्ड किया जाता था। घर पर या अस्पताल की पार्किंग या गेट पर होने वाली मौतों को भी कोविड रिकार्ड में दर्ज नहीं किया जा रहा था। इस वजह से मौत के आंकड़ों में विसंगतियां देखने को मिल रही थीं। सरकार ने इस तरह की हर मौत को कोविड डेथ के रूप में दर्ज करने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को करेगा।

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