गाजीपुर में भी गंगा में लाशें

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गाजीपुर/बक्सर। बिहार के बक्सर के बाद अब उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गंगा में लाशें बहती दिखाई दी हैं। जिला प्रशासन ने कई लाशों को पानी से निकाल कर उनका अंतिम संस्कार कराया है। हालांकि जिला प्रशासन ने इस बात से इनकार किया है कि ये लाशें स्थानीय लोगों की हैं। अधिकारियों ने कहा है कि वे जांच करा रहे हैं कि शव कहां से आए हैं। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक गाजीपुर में गंगा के किनारे एक किलोमीटर के इलाके में 50 से ज्यादा शव मिले हैं। पिछले दो दिन में एक सौ से ज्यादा शव मिलने की खबर है। बलिया में भी गंगा नदी में 12 शव मिलने की खबर है।

माना जा रहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से हो रही बेहिसाब मौतों के कारण लोग अपनों का अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहे हैं तो शवों को नदी में प्रवाहित कर रहे हैं या नदी के किनारे दफन कर रहे हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश के गाजीपुर और बलिया में गंगा नदी में बड़ी संख्या में शव मिलने के बाद बिहार के बक्सर जिले के अधिकारियों ने अपने दावे को सही बताते हुए कहा कि उनके यहां मिले शव भी उत्तर प्रदेश से बह कर आए हैं।

बहरहाल, गाजीपुर के गहमर और करंडा गांव के आसपास गंगा नदी में शव मिलने की घटना पर जिले के कलेक्टर एमपी सिंह ने कहा है- हमें घटना की जानकारी मिली है, हमारे अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और जांच चल रही है। हम यह तलाशने की कोशिश कर रहे हैं कि ये शव कहां से आए हैं। उन्होंने एडीएम की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनाई है। बताया जा रहा है कि मंगलवार की सुबह सिटी एसपी और सदर एसडीएम ने कई थानों की पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ गंगा में मिले शवों कों दफन कराया। इसके बाद एक टीम बना कर घाटों की निगरानी की जा रही है और नदी में भी पेट्रोलिंग शुरू हो गई है ताकि कोई गंगा में शव प्रवाहित न कर सके।

गौरतलब है कि यूपी-बिहार की सीमा पर गहमर गांव है जो गाजीपुर में आता है। गाजीपुर से बिहार की तरफ बहने वाली गंगा नदी गहमर गांव से होकर गुजरती है। इसके आगे बिहार का चौसा क्षेत्र आता है जहां के महादेवा घाट पर सोमवार को बड़ी संख्या में शव मिले थे। बक्सर के जिला प्रशासन का कहना है कि ये शव उत्तर प्रदेश से बह कर आए हैं। दूसरी ओर गाजीपुर के कलेक्टर एमपी सिंह का कहना है कि शव को गंगा में प्रवाहित करने की परंपरा रही है। पूरे हिंदुस्तान में कोई भी व्यक्ति कहीं पर जाकर शव को प्रवाहित कर सकता है। ऐसे में यह कहना कि शव गाजीपुर से या किसी अन्य जगह से आ रहे हैं, उचित नहीं होगा।

बहरहाल, सोमवार को चौसा में 30-40 शव मिलने की सूचना थी लेकिन मंगलवार को पता चला है कि चौसा और आसपास के घाटों से कुल 71 शवों के अंतिम संस्कार कराए गए। उससे पहले उनका डीएनए और कोविड टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया। इस बीच बक्सर जिला प्रशासन ने ड्रोन कैमरे से घाटों और नदी की निगरानी करने की तैयारी की है। उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर गंगा नदी में बिहार की ओर से जाल लगाए जाने की भी खबर है ताकि उधर से बह कर आने वाले शवों को रोका जा सके।

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साभार - ऐसे भी जानें सत्य

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