Corona Alert: भारत में पाया जा रहा कोविड-19 का स्ट्रेन विश्व के 44 देशों में भी मिला

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New Delhi: भारत में कोरोना का कहर बरस रहा है. भारत में कोरोना के रेज 4 लाख के करीब केस सामने आ रहे हैं. इसके साथ ही देश में 4 हजार से ज्यादा मौतें हो रही है.  विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि भारत में पिछले साल पहली बार सामने आया कोरोना वायरस का बी.1.617 स्वरूप 44 देशों में पाया गया है और यह ‘स्वरूप चिंताजनक’ है. संयुक्त राष्ट्र की यह संस्था आये दिन इसका आकलन करती है कि क्या सार्स सीओवी-2 के स्वरूपों में संक्रमण फैलाने और गंभीरता के लिहाज से बदलाव आये हैं या राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकारियों द्वारा लागू जन स्वास्थ्य और सामाजिक कदमों में बदलाव की आवश्यकता है. डब्ल्यूएचओ ने मंगलवार को प्रकाशित साप्ताहिक महामारी विज्ञान विज्ञप्ति में बी.1.617 को चिंताजनक स्वरूप (वीओए) बताया. चिंताजनक स्वरूप वे होते हैं जिन्हें वायरस के मूल रूप से कहीं अधिक खतरनाक माना जाता है. कोरोना वायरस का मूल स्वरूप पहली बार 2019 के अंतिम महीनों में चीन में देखा गया था.

B 1.617 में संक्रमण फैलाने की दर

किसी भी स्वरूप से पैदा होने वाले खतरे में संक्रमण फैलने की अधिक आशंका, ज्यादा घातकता और टीकों से अधिक प्रतिरोध होता है. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि बी.1.617 में संक्रमण फैलाने की दर अधिक है. उसने कहा-प्रारंभिक सबूत से पता चला है कि इस स्वरूप में कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल मोनोक्लोनल एंटीबॉडी ‘बामलैनिविमैब’ की प्रभाव-क्षमता घट जाती है. कोविड-19 का बी.1.617 स्वरूप सबसे पहले भारत में अक्टूबर 2020 में देखा गया. भारत में कोविड-19 के बढ़ते मामलों और मौतों ने इस स्वरूप की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिये हैं.

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राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण का ब्रिटेन स्वरूप

WHO द्वारा भारत में स्थिति के हालिया आकलन में भारत में कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ने और तेज होने में कई कारकों का योगदान होने की आशंका जतायी गयी है. इनमें सार्स-सीओवी-2 स्वरूपों के संभावित रूप से संक्रमण फैलाने, धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रम, जन स्वास्थ्य एवं सामाजिक कदमों का पालन कम होना शामिल है. इधर, राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण का ब्रिटेन स्वरूप पाया गया है. राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बुधवार को यह जानकारी दी. श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश से भेजे गये जिनोम सिक्वेंसिंग के नमूनों की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है.

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