ट्विटर को अदालत की चेतावनी - Naya India court warning to twitter
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ट्विटर को अदालत की चेतावनी

Twitter Vs Central Govt:

court warning to twitter नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को चेतावनी दी और नए आईटी नियमों का पालन करने का निर्देश दिया। आईटी नियमों को नहीं लागू करने पर हाई कोर्ट ने ट्विटर को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आप कानून नहीं लागू करते हैं तो हम आपको किसी तरह की सुरक्षा नहीं दे सकते। जस्टिस रेखा पिल्लई ने कहा कि आप साफ जवाब के साथ आईए, वरना मुश्किल में पड़ जाएंगे।

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जस्टिस पिल्लई ने कहा- मैं किसी तरह की सुरक्षा नहीं दे सकती हूं। पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी हूं कि आपको नियम लागू करने ही होंगे। उन्होंने कहा- आपको आठ जुलाई तक का वक्त दिया जाता है। उम्मीद करते हैं कि आप अगली तारीख तक नियम लागू करने को लेकर जानकारी के साथ तैयार रहेंगे। अगर ट्विटर को लगता है कि वो हमारे देश में जितना चाहे टाइम ले सकती है तो मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगी। उन्होंने कहा- केंद्र ने कहा है कि ट्विटर ने साफतौर पर आईटी नियमों का उल्लंघन किया है।

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केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि ट्विटर को तीन महीने का वक्त दिया गया था। इस दौरान उन्हें कानून लागू करने थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। आप भारत में व्यापार करने आएं, आपका स्वागत है पर आपको नियम लागू करने होंगे। ट्विटर के वकील ने 31 मई को कहा था कि उसने अंतरिम शिकायत अधिकारी नियुक्त किया है और शिकायत अधिकारी की प्रक्रिया जारी है। जब पूछा गया कि कितना वक्त लगेगा तो इस पर ट्विटर के वकील को कोई निर्देश नहीं थे। उन्हें और वक्त चाहिए, क्योंकि कंपनी का दफ्तर अलग टाइम जोन वाले अमेरिका में है।

गौरतलब है कि ट्विटर ने अब थर्ड पार्टी कंटेंट के लिए कानूनी सुरक्षा खो दी है। उसका इंटरमीडियरी का दर्जा खत्म हो गया है, जिसका मतलब है कि सरकार की तरफ से उसे कंटेंट को लेकर किसी तरह की सुरक्षा नहीं दी जाएगी। इसलिए अब ट्विटर के ऊपर आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है। कानूनी सुरक्षा खत्म होने के बाद ट्विटर के प्रबंध निदेशक पर कई मुकदमे हो चुके हैं। court warning to twitter

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