कोविड टीकाकरण को लेकर मुम्बई उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल, ये है कारण - Naya India
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कोविड टीकाकरण को लेकर मुम्बई उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल, ये है कारण

मुम्बई:  उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है जिसमें केन्द्र, महाराष्ट्र सरकार और महानगरपालिका (बीएमसी) को 75 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और दिव्यांगों या बिस्तर से उठने में असमर्थ लोगों को घर-घर जाकर कोविड-19 टीके की खुराक उपलब्ध कराने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. अधिवक्ताओं धृति कपाड़िया और कुणाल तिवारी द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि इस तरह के लोग टीकाकरण केन्द्रों पर नहीं जा सकते हैं या ऐसा कर पाना उनके लिए मुश्किल हो सकता है.  याचिका में कहा गया है कि  केंद्र सरकार को घर-घर जाकर टीकाकरण शुरू करने की आवश्यकता है जिससे वरिष्ठ नागरिक और विशेष रूप से दिव्यांग (शारीरिक और मानसिक दोनों) नागरिक अपने घर से निकले बिना टीका प्राप्त करने में सक्षम हो सके.

अधिकतम  500 के शुल्क का हो प्रावधान

याचिका में कहा गया है कि घर-घर जाकर टीकाकरण सुविधा प्रदान करने के लिए अधिकारी लगभग 500 रुपये का शुल्क तय कर सकते हैं. याचिकाकर्ताओं ने बीएमसी द्वारा राज्य सरकार को लिखे एक पत्र का भी हवाला दिया, जिसमें लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए मुंबई में टीकाकरण अभियान को घर-घर ले जाने की अनुमति मांगी गई थी. हालांकि, इस अनुरोध को इस आधार पर अस्वीकार कर दिया गया कि कोविड-19 के लिए घर-घर जाकर टीकाकरण के लिए ऐसी कोई नीति नहीं है. इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायाधीश जी एस कुलकर्णी की एक खंडपीठ अगले सप्ताह इस याचिका पर सुनवाई कर सकती है.

बढ़ते संक्रमण को देखते हुए तेजी से चलाया जा रहा है वैक्सीनेशन

देश भर से कोरोना के बढते संक्रमण को देखते हुए वैक्सीनेशन वृहद स्तर पह चलाया जा रहा है. जिससे कि  समय रहते ज्यादा से ज्यादा लोगों का वैक्सीनेशन किया जा सके. कल से देश भर में 45 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों का कोरोना वैक्सीनेशन शुरू हो गया है. गुरुवार को लगभग 36 लाख लोगों ने कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की डोज ली. आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार की रात 9 बजे तक 36,71,242 लाख लोगों का कोरोना वैक्सीनेशन किया गया.

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