बाबरी मस्जिद विध्वंस के दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले : माकपा

नई दिल्ली। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शनिवार को अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस का मुद्दा उठाया।

पार्टी ने कहा कि इस अवैध कृत्य के दोषी लोगों को जल्द से जल्द सजा देनी चाहिए। माकपा पोलित ब्यूरो ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या में हिंदुओं को 2.77 एकड़ विवादित भूमि देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाए जाने के बाद नई दिल्ली में एक बयान जारी किया। माकपा के बयान में कहा गया अदालत के फैसले में कहा गया है कि दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद का विध्वंस कानून का उल्लंघन था।

यह एक आपराधिक कृत्य था और धर्मनिरपेक्ष सिद्धांत पर हमला था। विध्वंस से संबंधित मामलों की सुनवाई में तेजी लाई जानी चाहिए और दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए। कारसेवकों ने अयोध्या में मार्च किया था और छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम-1991 का हवाला दिया।

इसे भी पढ़ें : अब बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले पर फैसले का इंतजार

संसद ने पवित्र संरचनाओं के धार्मिक चरित्र को 15 अगस्त 1947 की ही तरह सुनिश्चित करने के लिए इस अधिनियम को पारित किया था। बयान में कहा गया अदालत ने 1991 के धार्मिक उपासना अधिनियम की भी सराहना की है। इस कानून का पालन इस तरह से सुनिश्चित करना चाहिए कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह के विवादों को फिर से न उठाया जाए। इसके साथ ही माकपा ने अपील की कि फैसले के बाद ऐसा कोई भड़काऊ बयान या कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिसके परिणामस्वरूप सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares