माकपा ने सीएए विरोध प्रस्ताव का किया स्वागत

पुड्डुचेरी। मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी (माकपा) ने गुरुवार को पुडुचेरी विधानसभा द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ पारित किये प्रस्ताव का स्वागत किया है।

समाज के हर समुदाय से इस ‘अनुचित’ कानून के खिलाफ साथ आने की अपील की है। माकपा सचिव रंजनगम ने एक बयान में पुड्डचेरी सरकार को यह प्रस्ताव नहीं पारित करने का परामर्श दे रहीं उपराज्यपाल किरन बेदी की आलोचना की है।

किरन बेदी का तर्क था कि सरकार के पास इस प्रस्ताव को पारित करने के लिये शक्तियां नहीं है। जबकि विपक्ष का आरोप है कि ऐसा करके उन्होंने इस तथ्य को छुपाया कि सरकार के पास ‘कानून का विस्तार’ के तहत इतनी शक्तियां है कि वह केंद्र सरकार के किसी कानून को लागू नहीं करने का निर्णय ले सकती है। रंजनगम ने विपक्ष एन आर कांग्रेस और अन्नाद्रमुक के इस ऐतिहासिक प्रस्ताव में हिस्सा नहीं लेने पर जोरदार आलोचना की है।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ऐसा कानून लेकर आयी है जो संविधान के बुनियादी ढांचे को तोड़ता है। अगर कोई यह सोच कर चुप्पी साधे हुए है कि यह कानून केवल लंकाई तमिल और अल्पसंख्यकों को ही नुकसान पहुंचाएगा तो ऐसा नहीं है, यह कानून सभी के लिये खतरनाक है और इससे हर कोई प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि इसलिए हम सभी को इस कानून का खुलकर विरोध करना चाहिए। इस बीच मानव संसाधन एवं उपभोक्ता संरक्षण सोसाइटी ने भी विधानसभा के इस कदम का स्वागत किया है।

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