ट्रेनों का लेट होना बना रेलवे प्रशासन की परेशानी का सबब

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद और कानपुर के बीच ट्रेनों का लेट होना रेलवे प्रशासन के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। उत्तर मध्य रेलवे के जनसम्पर्क आधिकारी सनील कुमार गुप्ता ने शनिवार को बताया कि पहले यह स्थिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश में होती थी।

नई दिल्ली से चलने वाली और जाने वाली ट्रेनें इटावा के बाद विलंबित होने लगती थीं। इटावा से नई दिल्ली तक कोहरे का कहर रहता था। लेकिन इस साल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ ही कोहरे का कहर कानपुर से इलाहाबाद तक आ गया है। अब इटावा से हल्का कोहरा शुरू होता है।

उन्होने कहा कि दो-तीन दिन पहले तक कानपुर एवं आसपास का क्षेत्र कोहरे की चपेट में था। अब कोहरे का दायरा कानपुर से इलाहाबाद तक पहुंच गया है। घने कोहरे के कारण ट्रेनों के संचालन में बिलंब और रद्द होने के कारण जहां यात्रियों की संख्या में कमी आयी है वहीं इसके आय पर भी आंशिक असर पड़ा है। गुप्ता ने कहा कि कोहरे में अधिकतम 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तय की गयी है।

जिस ट्रेन की जितनी अधिक गति होगी कोहरे में उसके उतने अधिक बिलंब होने की संभावना रहती है। जो ट्रेन 110, 120 और 130 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ रही है उसे 75 किलोमीटर की रफ्तार से चलाया जायेगा तब उसका बिलंब से पहुंचना लाजमी है। फाग एन्टी डिवाइस 500 मीटर से पहले ही चालक को सिग्नल आने की जानकारी देने लगता है लेकिन घने कोहरे के कारण विजविलटी कम हो जाती है जिससे चालक को सिग्नल देखने में परेशानी होती है।

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