आइशी ने कहा, पक्षपातपूर्ण जांच कर रही दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली। जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष ने पांच जनवरी को जेएनयू परिसर में भड़की हिंसा में शामिल होने की बात से स्पष्ट रूप से इनकार किया है। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को आइशी घोष सहित चार लोगों को विश्वविद्यालय परिसर में हिंसा फैलाने के लिए संदिग्ध के तौर पर माना था।

आइशी ने मीडिया से बात करते हुए दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि वह इन घटनाओं की पक्षपातपूर्ण जांच कर रही है। देश की कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा होने का दावा करते हुए आइशी ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने इस हिंसा में उसे संदिग्ध बनाकर गलत काम किया है। छात्र नेता ने यह बात स्वीकार किया कि वह हिंसा के समय परिसर में मौजूद जरूर थीं, मगर हिंसा में उसका कोई भागेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि तस्वीरें अपराध में उनकी भागीदारी को साबित नहीं करती हैं।

आइशी ने दिल्ली पुलिस पर इससे पहले भी इसी तरह की गलत सूचना देने का आरोप लगाया। उन्होंने कन्हैया कुमार के वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि 2016 में भी पुलिस ने यही काम किया था। जेएनयूएसयू अध्यक्ष और उनके सहयोगियों ने दोहराया कि वे शांतिपूर्वक आंदोलन को जारी रखने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। उन्होंने जेएनयू के कुलपति पर एबीवीपी अध्यक्ष की तरह बर्ताव करने का आरोप लगाया। छात्र कुलपति जगदीश कुमार को हटाने की मांग पर अड़े हैं।

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