कोरोना पर पारदर्शिता से काम करें दिल्ली के अस्पताल : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि दिल्ली में कोरोना की स्थिति बहुत खराब हो गयी है और हालात अब काबू से बाहर हो गये हैं इसलिए अस्पतालों को पारदर्शिता के साथ काम करने की जरूरत है तथा सरकार को इस बारे में विस्तृत योजना बनानी चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी तथा दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार को कोरोना से निपटने के लिए व्यापकता के साथ काम करने की आवश्यकता है।

दिल्ली में कोरोना खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है और अस्पतालों में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ रही है तथा पीडितों को कहीं बिस्तर नहीं मिल रहे हैं इसलिए अस्पताल में कोरोना मरीजों की संख्या क्या है इस संबंध में जानकारी दी जानी चाहिए और यह सूचना बराबर अस्पताल के नोटिस बोर्ड पर आनी चाहिए।

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उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई अस्पताल हैं और बताया जा रहा है कि 57 हजार बेड दिल्ली के अस्पतालों में मौजूद है लेकिन नौ जून को मिली जानकारी के अनुसार 12 प्रतिशत दिल्ली सरकार के, आठ प्रतिशत केंद्र सरकार के तथा सात प्रतिशत बेड निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए सुरक्षित हैं लेकिन बराबर शिकायतें आ रही हैं कि कोरोना पीडितों को बिस्तर नहीं मिल रहे हैं और लोगों को वापस भेजा जा रहा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इसे गंभीर स्थति कहा है और उसका कहना है कि यदि मरीजों के लिए बिस्तर नहीं है तो यह दयनीय स्थिति है।

प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए सभी श्रेणियों के अस्पतालों में कम से कम 70 प्रतिशत बेड सुरक्षित होने चाहिए। खुद सरकार कह रही है कि जून और जुलाई में कोरोना मरीजों की संख्या दिल्ली में बहुत अधिक हो जाएगी तो सरकार को खुद ही अपने बयान पर ध्यान देना चाहिए और दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए इलाज की सुविधा बढाई जानी चाहिए।

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