राज्यसभा में परिवर्तन की ब्यार : नायडू

नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि सदन के कामकाज एवं व्यवहार में परिवर्तन आया है और पिछले कुछ सत्रों में उसकी उत्पादकता, विधेयक पारित करने की क्षमता और समितियों में सदस्यों की उपस्थिति में इजाफा हुआ है।

नायडू ने उप राष्ट्रपति और सभापति के रुप में तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सदन से संबद्ध समितियों की बैठकों में सदस्यों की उपस्थिति पहली बार 50 प्रतिशत को पार कर गयी है।

राज्यसभा में कामकाज की उत्पादकता में वृद्धि हुई है। इस कार्यक्रम में  नायडू के कार्यकाल के तीन वर्ष पूरा होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने एक पुस्तक ‘कनेक्टिंग, कम्युनिकेटिंग, चेन्जिंग’ का लोकार्पण किया।

नायडू ने पिछले तीन साल के दाैरान राज्यसभा के कामकाज एवं व्यवहार में बदलाव का ब्यौरा देते हुए इसे परिवर्तन की ब्यार बताया। उन्होंने कहा कि अध्ययन एवं विश्लेषण से पता चला कि पिछले 25 साल में राज्यसभा की उत्पादकता घट गयी थी। इस अवधि में 20 साल पहले वर्ष 1999 में मात्र एक बार सदन ने शत प्रतिशत कामकाज किया। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल के दौरान सदन के आठ सत्रों में सदन की उत्पादकता 65.5 प्रतिशत रही है। इस अवधि में चुनावों के कारण भी सदन का कामकाज बाधित हुआ। सदन की उत्पादकता 248 वें सत्र में 28.90 प्रतिशत और 247 वें में 27.30 प्रतिशत रही।

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