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क्या आपको पता है हाथी की सूंड में पानी को तीन लीटर प्रति सेंकेड की दर से खींचने की क्षमता होती है..आइये जानते है हाथी के बारे में कुछ रोचक तथ्य,

भगवान ने इंसानों को काम करने के सभी साधन प्रदान किए है। जिससे उनको काम करमे में कोई कठिनाई नहीं होती है। लेकिन भगवान ने जानवरों को साधन नहीं दिए है। उदाहरण के लिए हाथी। लेकिन वह अपनी सूंड से सारा काम कर लेता है। एक सूंड से वह अपनी ताकत प्रदर्शित करता है। दुनिया में बहुत से विचित्र जानवर है। लेकिन कई बार साधारण जानवर भी ऐसा काम कर देते है जिसे देखतक हम आश्चर्य में पड़ जाते है। इंसानों के पास सभी साधन होते हुए भी कई बार बहुत से काम करने में असफल होते है। दुनिया में जानवरों से यांत्रिक प्रेरणा लेना बहुत पुराना चलन भी है। इसी तरह का एक अध्ययन हाथियों ( Elephants) पर किया गया है जिसमें यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि वे कैसे अपनी सूंड़ में इतनी तेजी से इतना सारा पानी भर लेते हैं। सभी कार्य वह अपनी ताकतवर सूंड से ही करते है। आइये जानते है हाथियों के बारे में कुछ रोचक बातें..

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हाथी की सूंड में 3 लीटर पानी भरने की क्षमता होती है

जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि हाथी (Elephants) अपनी सूंड़ (Trunk of Elephants) में ज्यादा जगह बनाने के लिए अपने नथुनों (Nostrils of Elephants) को फुला लेते हैं जिससे वे उसके अंदर नौ लीटर तक पानी भर सकते हैं। इतना ही नहीं वे तीन लीटर प्रति सेंकेड की दर से पानी सूंड़ में खींच सकते हैं। यह दर इंसान की छींक (Human Sneeze) से 50 गुना ज्यादा तेज है जिसमें पानी 150 मीटर प्रति सेकेंड की दर से हवा निकलती है।

हाथी की सूंड पर अध्यन

जॉर्जिया टेक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के इस अध्ययन ने हाथियों (Elephants) द्वारा उनकी सूंड़ के उपयोग की भौतिकी को समझने का बेहतर प्रयास किया है। इसके द्वारा शोधकर्ताओं ने यह जानने का प्रयास किया है कि वे कैसे अपने सूंड़ (Trunk of Elephants) का उपयोग पानी, हवा, खाना (Food) और अन्य चीजों को कैसे अंदर खींच पाते हैं। वे उस यांत्रिकी को भी समझने का प्रयास कर रहे थे जिससे वे ऐसे रोबोट बना सकें जो हवा का गतिविधि का कारगर उपयोग कर चीजों को पकड़ और यहां वहां पहुंचा सकें।

हाथी रोज 400 पाउंड खाना खाते है

जहां ऑक्टोपस जेट्स का उपयोग कर पानी को गति देता है, आर्चर मछली सतह के ऊपर पानी दाग कर कीड़ों को पकड़ती हैं, जोर्जिया टेक के शोधकर्ताओं ने पाया कि हाथी (Elephants) जमीन और पानी का इकलौता ऐसा जीव है जो सक्शन यानि खिंचाव (Suction power) का उपयोग करने में सक्षम है। रॉयल सोसाइटी इंटरफेस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन का शीर्षक ही ‘सक्शन फीडिंग बाय एलीफेंट्स’ है। इसके प्रमुख लेखक एंड्रयू शुल्ट्ज बताते हैं कि हाथी रोज 400 पाउंड का भोजन (Food) खाते हैं ,लेकिन इस बारे में बहुत कम जानकारी है कि वे रोज 18 घंटों तक पानी और हल्का खाना अपनी सूंड़ से कैसे खींचते हैं।

हाथी की सूंड वैक्यूम क्लीनर की तरह काम करती है

शुल्ट्स बताते हैं कि ऐसा लगता है कि सूंड़ हथियों (Trunk of Elephants) के लिए सूटकेस की तरह होते हैं जो जरूरत पड़ने पर फैल सकते हैं। शोधकर्तायों ने पाया कि हाथी (Elephants) छोटे भोजन को मुंह में डालने से पहले सूंड़ से चूस लेते हैं जैसे इंसान नूडल्स को चूस कर खींचता है। इस चूसने या खींचने की क्षमता (Suction Capacity) के बारे में जानने के लिए शोधकर्ताओं ने हाथियों की सूंड़ में एक टोर्टिला चिप लगाई और उसमें लगने वाले बल को मापा। शोधकर्ताओं ने बताया कि हाथी सूंड़ को स्विस आर्मी नाइफ की तरह उपयोग करते हैं। सूंड़ गंध की पहचान कर लेती है और चीजों को पकड़ लेती है। कभी यह ब्लोअर की तरह तो कभी वैक्यूम क्लीनर की तरह खींचने का काम करती है। जैसे वैक्यूम क्लीनर प्रत्येक वस्तु को अपने अंदर खींच लेता है हाथी की सूंड भी उसी प्रकार खाने को अपने सूंड में माहित कर लेता है।

1.5 सेकेंड में ही हाथी अपनी सूंड़ में 3.7 लीटर पानी खींच सकते है

हाथियों (Elephants) को एक एक्वेरियम में तरल खींचने की प्रक्रिया का अध्ययन कर शोधकर्ता इसके समय और आयतन को माप सके। उन्होंने पाया कि केवल 1.5 सेकेंड में ही सूंड़ ने 3.7 लीटर पानी खींच लिया। शोधकर्ताओं ने अल्ट्रासोनिक पड़ताल के जरिए सूंड़ (Trunk of Elephats) की दीवार का मापन किया और उसकी आंतरिक मांसपेशियों की गतिविधि का भी अवलोकन किया। मांसपेशियां सिकोड़ कर हाथी अपने नथुनों (Nostrils of Elephants) को 30 प्रतिशत फैला देते हैं इससे दीवार की मोटाई कम हो जाती है और नाक का आयातन 64 प्रतिशत बढ़ जाता है।

हाथी जापान की 300 मील प्रति घंटा की रफ्तार वाली ट्रेन की गति से सांस खींच सकते हैं

पहले शोधकर्ताओं को यह सब समझ में नहीं आया हाथी (Elephants) की नाक का रास्ता छोटा होता है लेकिन वह जितना पानी खींच (Suction power) सकता है उससे कहीं ज्यादा खींच रहा था। लेकिन अल्ट्रासोनोग्राफिक तस्वीरों को देखने के बाद उन्हें समझ में आया कि हवा से दीवार खुलती है और हाथी ज्यादा पानी खींचने में सक्षम हो जाता है। दवाब को देखते हुए शुल्ट्स और उनकी टीम ने सुझाया की हाथी जापान की 300 मील प्रति घंटा की रफ्तार वाली ट्रेन की गति से सांस खींच सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस खास विशेषताओं के सॉफ्ट रोबोटिक्स और संरक्षण प्रयासों में बहुत उपयोग हैं।

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