डोटासरा बड़े नेता के रुप में उभरे

सीकर। राजस्थान में कांग्रेस नेता सचिन पायलट को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाने के बाद शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा बहुत ही कम समय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनकर न केवल जाट नेताओं में बल्कि राज्य में अपनी पार्टी में भी बड़े नेता के रुप में उभर कर सामने आये हैं।

राज्य में पिछले दिनों चले सियासी संग्राम में डोटासरा को पायलट को हटाने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने का अवसर मिलने से उनकी प्रदेश में बड़े नेता के रुप में पहचान होने लगी हैं।

कांग्रेस पार्टी में भी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता नारायण सिंह चौधरी, डा चन्द्रभान, रामेश्वर डूडी, हेमाराम चौधरी एवं सुभाष महरिया सहित कई बड़े जाट नेता तथा प्रदेश में अन्य वर्ग में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपेन्द्र सिंह शेखावत, जितेन्द्र सिंह, राजेन्द्र पारीक सहित कई बड़े नेताओं के होते हुए भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं कांग्रेस आलाकमान ने डोटासरा पर भरोसा जताया और वह अध्यक्ष बनकर सभी को साथ लेकर चलकर संगठन को और मजबूत करने के साथ अगले विधानसभा चुनाव में फिर से कांग्रेस की सरकार बनाने के प्रयास करने का दावा किया है।

डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को संभाले महज डेढ़ महीना ही हुआ है और वह अपनी सटीक बयानबाजी और उन्होंने पिछली बार कांग्रेस सचेतक के रुप में जिस तरह से भूमिका निभाई, उसकी गहलोत सहित कांग्रेस के कई बड़े नेता प्रशंसा कर चुके है। उनके अध्यक्ष बनने के बाद शिक्षा मंत्री के पद पर भी बने रहने से भी उनको काफी अहमियत मिली हैं।

वह सीकर जिले के रहने वाले हैं और वह अब तक तीन बार विधायक चुने जा चुके है। वहां कई बड़े जाट नेताओं में वह उभरकर सामने आये हैं। इनमें कांग्रेस के नारायण सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया एवं महादेव सिंह खंडेला, तथा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दिग्गज नेता अमराराम चौधरी सहित कई जाट नेताओं के राजनीति में रहते डोटासरा ने अपने राजनीतिक कद को बढ़ाया है।

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