सक्षम समाज के लिए कर्तव्यों का कुशलता से निर्वहण करें: उद्धव - Naya India
ताजा पोस्ट| नया इंडिया|

सक्षम समाज के लिए कर्तव्यों का कुशलता से निर्वहण करें: उद्धव

नासिक। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं शिव सेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज कहा कि हमें एक सक्षम समाज बनाने के लिए अपना कर्तव्य कुशलता से निभाना चाहिए।

ठाकरे ने आज यहां महाराष्ट्र पुलिस अकादमी (एमपीए) की 117वीं पासिंग आउट परेड के दौरान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद, हर पुलिस उप निरीक्षक चुनौतियों को स्वीकार करने और उसका सामना करने के लिए तैयार है।

उनके वरिष्ठ अधिकारियों और पूर्व अधिकारियों ने पुलिस अधिकारी की वर्दी के साथ कर्तव्यों को पूरा करने में अपना उचित प्रदर्शन करके पुलिस बल को सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि वर्दी के अंदर आदमी को मजबूत करने के लिए पुलिस का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य मजबूत और स्वस्थ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए आवश्यक सभी सहायता प्रदान करेगी। इसी प्रकार, महाराष्ट्र पुलिस बल को सक्षम बनाने के लिए सरकार आधुनिक तकनीक, वाहन, प्रशिक्षण जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास करेगी।

इसे भी पढ़ें :- सरकारी स्कूलों की बोर्ड परीक्षाओं का शुल्क सरकार भरेगी: केजरीवाल

ठाकरे ने कहा कि अगले वर्ष से मनाची रिवॉल्वर (रिवॉल्वर का सम्मान) के साथ-साथ स्वोर्ड ऑफ ऑनर को अगले साल से इनाम के रूप में दिया जाएगा, ताकि संगठन को अपराध, नक्सलवाद और साइबर अपराध की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया जा सके।
इससे पहले, 192 महिलाओं सहित 689 प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए प्रभावशाली पासिंग परेड आज एमपीए ग्राउंड में आयोजित की गई।

संतोष काम्टे को श्रेष्ठ प्रशिक्षक (‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’) और सिल्वर बैटन के साथ श्रेष्ठ कैडेट इंडोर स्टडीज सम्मान से सम्मानित किया गया। अहिल्याबाई होल्कर कप श्रेष्ठ ऑल राउंड महिला कैडेट विजया पवार को दूसरी श्रेष्ठ प्रशिक्षक, खुले में खेल के लिए (गोल्ड कप) सागर सेबल को श्रेष्ठ कैडेट के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर गृह मंत्री एकनाथ शिंदे, पुलिस महानिदेशक सुबोध कुमार जायसवाल, महाराष्ट्र पुलिस के निदेशक अश्विनी दोरजे आदि भी उपस्थित थे।

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

});