निशक्तजनों को सशक्त बनाना पहला मानवीय कर्तव्य : मिश्र - Naya India
ताजा पोस्ट | देश | राजस्थान| नया इंडिया|

निशक्तजनों को सशक्त बनाना पहला मानवीय कर्तव्य : मिश्र

अजमेर। राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि दिव्यांगों में विलक्षण प्रतिभाएं होती है। इन्हें सशक्त बनाना हमारा पहला मानवीय कर्तव्य है।

मिश्र आज जिले के ब्यावर में दिव्यांगों को स्कूटी वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि दिव्यांग अपने अन्दर की अनन्त शक्ति को केन्द्रित करके कार्य करते है।

इससे उनकी कार्यक्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हो जाती है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को विकलांग कहना हीनता का भाव पैदा करता है। दिव्यांग शब्द के प्रयोग से व्यक्ति से अपनतत्व का बोध होता है।

उन्होंने कहा कृष्ण भक्ति में लीन सूरदास जी ने अपनी प्रतिभा के बल पर नया मुकाम प्राप्त किया। वर्तमान में दिव्यांग अपनी योग्यता के बूते उच्च पदो पर पदस्थापित है। समाज का यह कर्तव्य है कि दिव्यांगों की कमजोरियों को दूर करने के लिए स्वस्थ वातावरण का निर्माण करें।

समारोह में राजसमंद सांसद दीया कुमारी ने कहा कि समाज का कोई भी वर्ग कमजोर है तो उसकी मदद करके बराबरी पर लाना पुण्य का कार्य है। दिव्यांगों को सुविधाएं एवं अधिकार दिलाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार दिव्यांगों को सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत है। इन्हें दया के स्थान पर स्नेह और सम्मान की आवश्यकता है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ट्रेंडिंग खबरें arrow