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हरियाणा में रोका जाएगा श्रमिकों का पलायन

नई दिल्ली। पलायन कर रहे श्रमिकों को हरियाणा सरकार अब सुरक्षित कैंपों तक ले जाने का काम करेगी। ये वे श्रमिक हैं जो हरियाणा में कार्यरत थे और अब अपने-अपने राज्यों के लिए पैदल ही निकल पड़े हैं।

सड़कों पर निकले इन श्रमिकों को सरकार वापस लौटने के लिए प्रेरित करेगी और इन्हें हरियाणा के विभिन्न जिलों में बनाए गए कैंपों में सुरक्षित रखा जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा लॉकडाउन अवधि के दौरान प्रवासी श्रमिकों के लिए जिलों में सुरक्षित कैंप बनाकर, इन श्रमिकों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जाए।

इसके साथ ही, कैंपों में इन सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाए ताकि यदि कोई भी व्यक्ति अगर कोरोना के संक्रमण की चपेट में आया हो, उसकी समय रहते जांच हो सके और उसे क्वारंटाइन किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, अपने-अपने जिलों में ऐसे श्रमिकों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखें और ऐसे श्रमिकों को यह समझाया जाए कि वे कैंपों में रहें। यहां इन्हें खाना, चिकित्सा व अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।

उन्होंने कहा अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि राज्य में कार्य करने वाले अधिक से अधिक श्रमिकों को इन कैंपों में रखा जाए। इसके अलावा, विशेष चिकित्सा शिविर लगाकर इन श्रमिकों को चिकित्सा परीक्षण की सुविधा दी जाए, ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण की श्रंखला को फैलने से रोका जा सके।

मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों की सीमाओं पर नाकाबंदी करके इन श्रमिकों को आगे बढ़ने से रोकने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से अनुरोध किया कि वे उनके कारखानों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों के रहने और भोजन की व्यवस्था करें और श्रमिकों को किसी भी हाल में जाने के लिए न कहे।

हरियाणा में जो लाभार्थी मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना और निर्माण श्रमिक बोर्ड सूची में शामिल नहीं हैं, ऐसे लोगों के पंजीकरण के कार्य में तेजी लाई जाएगी ताकि इन लोगों को 1,000 रुपये प्रति सप्ताह की वित्तीय सहायता दी जा सके।

इसके अलावा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों की अधिकतम भागीदारी को सुनिश्चित करने की अपील की गई है। आवश्यक वस्तुओं की घर द्वार पर आपूर्ति के लिए प्रत्येक जिले में मोबाइल वैन की भी उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

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