खरीद-फरोख्त की आशंका, कांग्रेस विधायक पहुंचे राजस्थान

जयपुर। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल नौ नवंबर को समाप्त हो गया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व शिवसेना के बीच सरकार गठन को लेकर गतिरोध जारी है। इसी बीच महाराष्ट्र कांग्रेस के 34 विधायक पार्टी शासित राजस्थान पहुंच चुके हैं, जहां खरीद-फरोख्त का खतरा कम है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, “हमें कांग्रेस विधायकों को राजस्थान लाना पड़ा है, क्योंकि वहां बड़े पैमाने पर खरीद फरोख्त का खतरा था।

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न केवल कांग्रेस विधायकों, बल्कि शिवसेना को भी लुभाया जा रहा था, जोकि भाजपा की गठबंधन सहयोगी है। शिवसेना को भी खतरा महसूस हो रहा है और इसलिए वह अपने विधायकों को भी रिसॉर्ट में भेज रही है।” गहलोत ने यह भी कहा कि सभी जानते हैं कि भाजपा ने गोवा और मणिपुर में सरकारें कैसे बनाई हैं। शुक्रवार रात 11 विधायक जयपुर पहुंचे थे। इसके बाद शनिवार को दो चरणों में और विधायक जयपुर पहुंचे। पहले 17 विधायक आए और यहां पहुंचे कांग्रेस विधायकों की कुल संख्या 28 हो गई। फिर दूसरे चरण में छह विधायक राजस्थान पहुंचे और अब 34 विधायक यहीं ठहरे हुए हैं। कुछ विधायक आमेर किले में गए, जबकि अन्य विधायक कड़ी निगरानी में बुएना विस्टा रिसॉर्ट में रुके हैं। कांग्रेस कार्यकारिणी के महासचिव अविनाश पांडे विधायकों की निगरानी के लिए रिसॉर्ट में ही ठहरे हुए हैं।

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शनिवार को गहलोत के बेटे वैभव गहलोत भी महाराष्ट्र के इन विधायकों से मिले। बुएना विस्टा एक लक्जरी रिसॉर्ट है, जहां प्रत्येक कमरे के बाहर स्वीमिंग पूल और स्पा सुविधा शामिल हैं। विधायक यहां लग्जरी सुविधाओं का आनंद तो उठाएंगे, मगर उन्हें खरीद-फरोख्त या पाला बदलने जैसे किसी भी संभावित खतरे के मद्देनजर यहां मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की कोई इजाजत नहीं दी गई है। सूत्रों ने कहा कि जोधपुर में ठहरने के स्थानों की कमी थी, इसलिए विधायकों को जयपुर स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जयपुर में और भी विधायकों के आने की उम्मीद है। कांग्रेस के पास महाराष्ट्र में कुल 44 विधायक हैं।

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