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डीएमके के पूर्व सांसद रामलिंगम भाजपा में हुए शामिल

चेन्नई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तमिलनाडु के दौरे पर हैं और डीएमके के पूर्व सांसद के.पी. रामलिंगम तमिलनाडु भाजपा में शामिल हो गए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के तमिलनाडु इकाई के प्रभारी सी.टी.रवि ने कहा, “यह न केवल डीएमके और उसके आधार को कमजोर करेगा, बल्कि पूरे राज्य में भाजपा को मजबूत करेगा।”

एक ट्वीट में रवि ने यह भी कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के आज चेन्नई आने के बाद पूरे तमिलनाडु में कमल (भाजपा का चुनाव चिन्ह) खिलने जा रहा है।”

बता दें कि रामलिंगम को पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बोलने के लिए अप्रैल में डीएमके से हटा दिया गया था। हाल के दिनों में भाजपा में शामिल होने वाले वे डीएमके के दूसरे नेता हैं। इससे पहले पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष वी.पी. दुरैसामी डीएमके छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। डीएमके के सांसद के.के.सेल्वम ने भी डीएमके नेतृत्व की आलोचना की थी और भाजपा का समर्थन किया था।

 

By हरिशंकर व्यास

भारत की हिंदी पत्रकारिता में मौलिक चिंतन, बेबाक-बेधड़क लेखन का इकलौता सशक्त नाम। मौलिक चिंतक-बेबाक लेखक-बहुप्रयोगी पत्रकार और संपादक। सन् 1977 से अब तक के पत्रकारीय सफर के सर्वाधिक अनुभवी और लगातार लिखने वाले संपादक।  ‘जनसत्ता’ में लेखन के साथ राजनीति की अंतरकथा, खुलासे वाले ‘गपशप’ कॉलम को 1983 में लिखना शुरू किया तो ‘जनसत्ता’, ‘पंजाब केसरी’, ‘द पॉयनियर’ आदि से ‘नया इंडिया’ में लगातार कोई चालीस साल से चला आ रहा कॉलम लेखन। नई सदी के पहले दशक में ईटीवी चैनल पर ‘सेंट्रल हॉल’ प्रोग्राम शुरू किया तो सप्ताह में पांच दिन के सिलसिले में कोई नौ साल चला! प्रोग्राम की लोकप्रियता-तटस्थ प्रतिष्ठा थी जो 2014 में चुनाव प्रचार के प्रारंभ में नरेंद्र मोदी का सर्वप्रथम इंटरव्यू सेंट्रल हॉल प्रोग्राम में था। आजाद भारत के 14 में से 11 प्रधानमंत्रियों की सरकारों को बारीकी-बेबाकी से कवर करते हुए हर सरकार के सच्चाई से खुलासे में हरिशंकर व्यास ने नियंताओं-सत्तावानों के इंटरव्यू, विश्लेषण और विचार लेखन के अलावा राष्ट्र, समाज, धर्म, आर्थिकी, यात्रा संस्मरण, कला, फिल्म, संगीत आदि पर जो लिखा है उनके संकलन में कई पुस्तकें जल्द प्रकाश्य। संवाद परिक्रमा फीचर एजेंसी, ‘जनसत्ता’, ‘कंप्यूटर संचार सूचना’, ‘राजनीति संवाद परिक्रमा’, ‘नया इंडिया’ समाचार पत्र-पत्रिकाओं में नींव से निर्माण में अहम भूमिका व लेखन-संपादन का चालीस साला कर्मयोग। इलेक्ट्रोनिक मीडिया में नब्बे के दशक की एटीएन, दूरदर्शन चैनलों पर ‘कारोबारनामा’, ढेरों डॉक्यूमेंटरी के बाद इंटरनेट पर हिंदी को स्थापित करने के लिए नब्बे के दशक में भारतीय भाषाओं के बहुभाषी ‘नेटजॉल.काम’ पोर्टल की परिकल्पना और लांच।

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