Ganesh Chaturthi 2021 : ‘इंसानी रूप’ में विराजमान है भगवान गणेश
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देश का एकमात्र मंदिर जहां ‘इंसानी रूप’ में विराजमान है भगवान गणेश, बिना सूंड वाले गजानन का देता है सुख समृद्धि

जयपुर | Ganesh Chaturthi 2021 : आपने अभी तक मंदिरों में भगवान गणेश जी की प्रतिमा को सूंड के साथ ही देखा होगा, लेकिन राजस्थान के जयपुर जिले में भगवान गणेश जी (Garh Ganesh Mandir) का एक ऐसा भी मंदिर है जहां भगवान गणेश के सूंड नहीं है। जी हां, भगवान गजानन का ये अनोखा मंदिर जयपुर की नाहरगढ़ पहाड़ी पर स्थित है। यहां गणेश जी की पुरुषाकृति में प्रतिमा विराजमान है। दरसअसल, इस मंदिर में गणेश जी के बाल रूप की प्रतिमा स्थापित है। गणेश जी के बाल रूप को देखकर यहां आने वाला हर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो जाता है। बिना सूंड़ वाले गणेश जी को देखकर लोग चकित भी हो जाते हैं, क्योंकि लोगों ने गणपति जी को हमेशा ही सूंड वाले स्वरूप में देखा है। ये देश में संभवतः एक मात्र ऐसा मंदिर है जहां बिना सूंड़ वाले गणेश जी की प्रतिमा है।

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तांत्रिक विधि से हुई थी मंदिर की स्थापना
Ganesh Chaturthi 2021 : नाहरगढ़ की पहाड़ियों पर स्थित यह मंदिर रियासतकालीन है और करीब 290 साल पुराना है। गणेश जी के आशीर्वाद से ही जयपुर शहर की नींव रखी गई थी। मंदिर का निर्माण जयपुर के संस्थापक सवाई जयसिंह द्वितीय ने कराया। सवाई जयसिंह द्वितीय ने जयपुर में अश्वमेघ यज्ञ का आयोजन किया था। इस दौरान तांत्रिक विधि से इस मंदिर की स्थापना कराई थी। यहां भगवान गणेश जी के दो विग्रह हैं। जिनमें पहला विग्रह आंकडे की जड़ का और दूसरा अश्वमेघ यज्ञ की भस्म से बना हुआ है। नाहरगढ़ की पहाड़ी पर महाराजा सवाई जयसिंह ने अश्वमेघ यज्ञ करवा कर गणेश जी के बाल्य स्वरूप वाली इस प्रतिमा की विधिवत स्थापना करवाई थी।

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साल के दिनों के आधार पर बनाई गई 365 सीढियां
मंदिर परिसर में पाषाण के बने दो मूषक स्थापित है जिनके कान में भक्त अपनी इच्छाएं बताते हैं और मूषक उनकी इच्छाओं को बाल गणेश तक पहुंचाते है। भगवान के इस मंदिर तक पहुंचने के लिए पहाड़ी पर कुल 365 सीढियां चढ़नी पड़ती है, जो साल के दिन को आधार मानकर बनाई गई थी। गणेश चतुर्थी के दूसरे दिन यहां पर भव्य मेला आयोजित होता है।

ऐसे पहुंचे मंदिर तक
जयपुर का गढ़ गणेश जी मंदिर (Garh Ganesh Mandir) गेटर रोड पर ब्रह्मपुरी में स्थित है। यह जयपुर रेलवे स्टेशन से 7 किमी की दूरी पर है और बस या टैक्सी से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

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