गहलोत ने प्रदेश की प्रथम भूमिगत मेट्रो का किया लोकार्पण

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की प्रथम भूमिगत मेट्रो रेल चांदपोल से बड़ी चौपड़ का आज यहां लोकार्पण किया। गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जयपुर मेट्रो चरण (प्रथम) बी के तहत चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक बनी भूमिगत जयपुर मेट्रो का लोकार्पण किया। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर मेट्रो रेल को रवाना किया और भूमिगत मेट्रो रेल की शुरुआत की।

इस अवसर पर गहलोत ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि आज का दिन इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा।

उन्होंने कहा कि रास्ते में मंदिरों के होने से लोगों की धार्मिक भावना का ध्यान रखना एवं विरासत को बचाते हुए यहां भूमिगत मेट्रो रेल के लिए काम करना काफी चुनौतीपूर्ण था। लेकिन जनता की भावनाओं का ध्यान रखते हुए काम किया गया और इसमें व्यापारियों एवं लोगों ने साथ दिया और दिल्ली मेट्रो रेल की सहायता से इस काम को पूरा किया गया।

उन्होंने कहा कि इस भूमिगत मेट्रो रेल का काम ढाई साल में पूरा होने की उम्मीद थी लेकिन सरकार के बदल जाने के कारण इसमें विलंब हुआ। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के सहारे तमाम सावधानी बरती गई और इस चुनौतीपूर्ण काम में बिना किसी दुर्घटना एवं नुकसान के काम पूरा हुआ और यह विश्व स्तरीय मेट्रो रेल बनी है। जयपुर मेट्रो प्रथम बी का शिलान्यास सितंबर 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने किया था।

उन्होंने कहा कि जयपुर से बड़े अन्य शहरों से पहले इसका काम शुरु हुआ और काम पूरा भी कर लिया गया। उन्होंने कहा कि जयपुर में जब पहले चरण में रेल बनी तब उनकी आलोचना हुई थी और कहा गया था कि यह महंगा और घाटे का सौदा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें यह घाटे नफा नहीं देखा जाता। यह सरकार की सामाजिक जिम्मेदारी है।

गहलोत ने कहा कि राजधानी में सीतापुरा से अंबाबाड़ी तक 22 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल का सपना भी है और इसके प्रति भी उनका ध्यान है। कोरोना के चलते इसमें भी विलंब हो रहा है और वह चाहेंगे कि इसे भी शुरु किया जाये। उन्होंने कहा कि जयपुर के अलावा प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े शहर जोधपुर में भी मेट्रो रेल चलाने की बात है। अब देखना यह है कि इसमें केन्द्र सरकार कितना सहयोग करती है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को मेट्रो को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना में जहां राज्य सरकारें अच्छा काम कर रही है उन्हें केन्द्र सरकार को और बढ़चढ़कर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते केन्द्र सरकार के बीस लाख करोड़ रुपए का पैकेज से काम चलने वाला नहीं है। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि तत्कालीन भाजपा सरकार ने मेट्रो का काम धीमा किया, अगर इस दौरान कांग्रेस की सरकार होती तो यह काम बहुत पहले हो चुका होता। उन्होंने कहा कि जयपुर मेट्रो का किराया देश में सबसे कम है। इस अवसर पर सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भूमिगत मेट्रो के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उनसे जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण के बारे में विचार करने का आग्रह किया।

इस मौके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, कई सांसद, विधायक एवं मुख्य सचिव राजीव स्वरुप, जयपुर एवं दिल्ली मेट्रो के अधिकारी इस कार्यक्रम से जुड़े।

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