गहलोत ने वर्चुअल कांफ्रेंस के जरिए की किसानों से बातचीत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय और कृषि निर्यात संवर्धन नीति-2019 के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए राज्य के सभी 33 जिलों के किसानों से वर्चुअल कांफ्रेंस के जरिए बातचीत की।

गहलोत ने बताया कि कोविड-19 से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद यह नीति कृषि उद्योगों और आधारभूत निर्माण क्षेत्र में नए निवेश को आकर्षित करने में सफल रही है।

नई नीति यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित है कि प्रसंस्करण ढांचा विकसित करने से कृषि उपज का महत्व बढ़ेगा और इस दौरान अपव्यय भी कम होगा। इस प्रकार किसानों के लिए आय बढ़ाने और राज्य के लिए नकदी प्रवाह बढ़ाने में मदद मिलेगी। समीक्षा बैठक के माध्यम से मुख्यमंत्री ने नई नीति को लेकर किसानों से उनके अनुभव के बारे में पूछताछ की और उन्हें नीतिगत लाभों के बारे में दूसरों को जागरूक करने के लिए कहा।

किसान से उद्यमी बने कई लोगों ने बातचीत के दौरान सूचित किया कि वे पहले से ही इस योजना के तहत एक इकाई स्थापित कर चुके हैं और अब उन्होंने दूसरी योजना के तहत मंजूरी के लिए आवेदन किया है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्राप्त विभिन्न सुझावों पर ध्यान दिया। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि जोधपुर की एक फर्म ने स्वदेशी रूप से ग्वार से प्रोटीन निकालने पर शोध किया है। मुख्यमंत्री ने इस तकनीकि को पेटेंट कराने के लिए भी कहा।

गहलोत ने कहा कि नई नीति किसान आय बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है और चूंकि प्रगतिशील किसान पहले से ही इसका लाभ उठा रहे हैं, ऐसे में उन्हें दूसरों को भी इसके बारे में शिक्षित करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘यह एक शुरुआत है और इस नीति के बारे में और अधिक चर्चा की जा सकती है।

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