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मंडियों से मिलों तक अब धान की ढुलाई करेंगी सरकार एजेंसियां : दास

चंडीगढ़। हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव(एसीएस) पी. के. दास ने कहा है कि धान का स्टॉक कहीं ओर ले जाने, धान की फर्जी खरीद पर अंकुश लगाने और खरीद तंत्र को और

अधिक मजबूत करने एवं पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब मंडियों से धान की मिलों तक ढुलाई का कार्य उनके विभाग और अन्य खरीद एजेंसियों द्वारा किया जाएगा। दास ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।

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उन्होंने कहा कि धान की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले ट्रकों को जीपीएस युक्त किया जाएगा ताकि उनकी आवाजाही पर नजर रखी जा सके। उन्होंने बताया कि स्टॉक उपलब्धता और फर्जी धान खरीद का पता लगाने के लिये राज्य में 1304 चावल मिलों में मौके पर जाकर स्टॉक की जांच की गई जिसमें से 1207 राइस मिलों में 42,589 टन की कमी पाई गई।

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उन्होंने बताया कि 6440180.54 टन के स्टॉक की जाँच मिलों में जाकर की गई तथा इस जांच में 6400400.28 टन धान का स्टॉक पाया गया गया। उन्होंने कहा कि जिन मिलों में स्टॉक में कमी पाई गई उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा तथा जवाब मिलने के बाद गलत काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि धान खरीद पर खर्च हुये लगभग 90 करोड़ रुपये की ब्याज सहित वसूली की जाएगी। इसके अलावा एफआईआर दर्ज करने और ब्लैकलिस्ट करने जैसे अन्य विकल्प भी अमल में लाए जाएंगे। एसीएस के अनुसार जांच के दौरान 205 मिलों के स्टॉक में पांच टन तक कमी पाई गई। इसी प्रकार 134 मिलों के स्टॉक में 5-10 टन तक, 248 मिलों में 10 से 25 टन तक, 325 मिलों में 25 से 50 टन तक और 295 मिलों के स्टॉक में 50 टन से अधिक की कमी पाई गई।

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उन्होंने बताया कि करनाल जिले में सबसे अधिक 284 मिलों के स्टॉक में कमी पाई गई। उसके बाद कुरुक्षेत्र में 236 मिलों में, अंबाला में 185 मिलों में, फतेहाबाद में 168, यमुनानगर में 150 और कैथल में 115 मिलों के स्टॉक में कमी पाई गई। दास के अनुसार मौके पर जांच के लिये लगभग 300 टीमें बनाई गई थीं।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान, विभाग ने आवंटित धान, मिलों की मिलिंग क्षमता, मिलों के पास चावल की उपलब्धता और एफसीआई को दिये गए चावल और मिलों के पास बचे हुए धान स्टॉक की जांच की गई। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि जांच के संबंध में आज तक किसी भी राइस मिलर्स ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है।

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