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महाराष्ट्र, हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार समाप्त

नई दिल्ली। महाराष्ट्र और विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार समाप्त हो गया है। महाराष्ट्र की 288 और हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर 21 अक्टूबर को मतदान होंगे तथा 24 अक्टूबर को मतों की गिनती की जायेगी। महाराष्ट्र की 288 और हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों के चुनाव के साथ ही विभिन्न राज्यों में लोकसभा और विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए शनिवार को शाम छह बजे प्रचार समाप्त हो गया। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में इस बार कुल 3239 उम्मीदवार चुनाव मैदान मे हैं जिनमें 150 महिला उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं। राज्य में इस बार मुख्य मुकाबला भाजपा-शिवसेना-रिपबल्किन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) की महागठबंधन और कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के बीच है।

चुनाव प्रचार के दौरान इन दलों ने एक-दूसरे पर हमले का कोई मौका नहीं चूका। चुनाव प्रचार में भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद सनी देओल जैसे कई दिग्गज नेता जुटे। भाजपा ने वीर सावरकर को भारत रत्न देने का मुद्दा उछाला, जिस पर सियासत गर्म रही है। विपक्षी दलों ने इसे लेकर भाजपा को घेरा वहीं भाजपा ने हर रैली में सावरकर को भारत रत्न देने की मांग दोहराई। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने पाकिस्तान और कश्मीर का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया।शिवसेना की ओर से पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और उनके सुपुत्र आदित्य ठाकरे ने जोरदार प्रचार किया। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे अकेले अपने दम पर जनता से विपक्ष में बैठने के लिए उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देने की मांग की।

कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, अशोक चव्हाण, सुशील कुमार शिंदे, पृथ्वीराज चव्हाण ने मोर्चा संभाला था। कांग्रेस इस चुनाव प्रचार में आर्थिक मंदी को मुद्दा बनाया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से पार्टी अध्यक्ष शरद पवार और उनके भतीजे अजीत पवार ने चुनाव प्रचार में खूब पसीना बहाया। राकांपा ने चुनाव प्रचार में किसानों के आत्महत्या और आर्थिक मंदी पर सत्ता पक्ष के खिलाफ खूब प्रचार किया।

हरियाणा में चुनाव मैदान में कुल 1168 उम्मीदवार अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें अम्बाला जिले में 36, झज्जर में 58, कैथल 57, कुरुक्षेत्र 44, सिरसा 66, हिसार 118, यमुनानगर 46, महेंद्रगढ़ 45, चरखी दादरी 27, रेवाड़ी 41, जींद 63, पंचकूला 24, फतेहाबाद 50, रोहतक 58, पानीपत 40, मेवात 35, सोनीपत 72, फरीदाबाद 69, भिवानी 71, करनाल 59, गुड़गांव 54 और पलवल में 35 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। चुनाव में मुख्य रूप से मुकाबला भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और कांग्रेस के बीच देखा जा रहा है। ये दोनों दल सभी 90-90 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा), आम आदमी पार्टी(आप), स्वराज इंडिया, लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी (लोसुपा) ने भी कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं। हरियाणा में वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों में भाजपा 47, इनेलो 19, कांग्रेस 15, शिरोमणि अकाली दल और बसपा एक-एक, हरियाणा जनहित कांग्रेस दो तथा पांच सीटों पर निर्दलीय विजयी रहे थे। हजकां का बाद में कांग्रेस में विलय हो गया था। वहीं पांच साल का कार्यकाल समाप्त होते होते इनेलो भी बिखर गई। इसके कुछ विधायक और नेता भाजपा, कांग्रेस और जजपा में चले गये।

हरियाणा में इस बार के चुनाव में मुख्य उम्मीदवारों में सत्तारूढ़ भाजपा की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर(करनाल), उनके कैबिनेट सहयोगी रामविलास शर्मा (महेंद्रगढ़), कैप्टन अभिमन्यु (नारनौंद), ओमप्रकाश धनकड़ (बादली), अनिल विज (अम्बाला), कविता जैन (सोनीपत), कृष्णलाल पंवार (इसराना), कणदेव कम्बोज (रादौर), प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला (टोहाना), विधानसभा अध्यक्ष कंवलपाल गुर्जर (जगाधरी), ओलम्पियन संदीप सिंह (पिहोवा), योगेश्वर दत्त (बरौदा), बबीता फोगाट (दादरी), कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (गढ़ी सांपला किलोई), रणदीप सिंह सुरजेवाला (कैथल), पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा (गन्नौर) और रघुबीर सिंह कादियान (बेरी), किरण चौधरी (तोशाम), गीता भुक्कल (झज्जर), कर्ण सिंह दलाल (पलवल) और कुलदीप सिंह बिश्नोई (आदमपुर), इनेलो के अभय सिंह चौटाला (ऐलनाबाद) और जजपा की नैना चौटाला(बाढड़ा) शामिल हैं।
दूसरी तरफ बिहार में समस्तीपुर लोकसभा सीट तथा किशनगंज, सामिरी बख्तियारपुर, दरौंदा, नाथनगर और बेलहर , मध्य प्रदेश में झाबुआ, छत्तीसगढ़ में चित्रकोट, हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला और पच्छाद, पंजाब में मुकेरिया, फगवाड़ा, दारचा और जलालाबाद, पुड्डुचेरी में कामराजनगर, तमिलनाडु में विकरावंडी और ननगुनेरी, असम में राताबाड़ी, जानिया, रंगपाड़ा और सोनाटी तथा राजस्थान में खींवसर और झुंझनू विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए भी प्रचार थम गया।

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