nayaindia Hearing in Gyanvapi case ज्ञानवापी मामले में कल होगी सुनवाई
देश | उत्तर प्रदेश | ताजा पोस्ट| नया इंडिया| Hearing in Gyanvapi case ज्ञानवापी मामले में कल होगी सुनवाई

ज्ञानवापी मामले में कल होगी सुनवाई

वाराणसी। ज्ञानवापी-शृंगार गौरी मामले में अब गुरुवार को सुनवाई होगी। मंगलवार को हुई सुनवाई में जिला अदालत ने सर्वे आयोग की रिपोर्ट पर मुस्लिम पक्ष से उनकी आपत्तियां मांगी हैं। इससे कहा जा रहा है कि पहले मुस्लिम पक्ष सुना जाएगा। गौरतलब है कि ज्ञानवापी मस्जिद और शृंगार गौरी मामले में वाराणसी के जिला जज को सुनवाई का क्रम तय करना है। इस मामले की आगे की सुनवाई 26 मई को होगी।

इसे पहले सोमवार को जिला जज की अदालत में दोपहर दो बजे के बाद कार्रवाई शुरू हुई। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने जिला जज को आठ हफ्ते में इस मामले की सुनवाई पूरी करने को कहा है। बहरहाल, इससे पहले सोमवार को मस्जिद पक्ष के वकील अभय नाथ यादव ने कहा था कि शृंगार गौरी मामले में सुनवाई का मतलब, धर्मस्थल कानून 1991 का उल्लंघन करना उन्होंने कहा था कि सबसे पहले इस मामले की मेंटेनेबिलिटी की सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा था- निचली अदालत के सिविल जज सीनियर के यहां इस आवेदन को नकारते हुए, कमीशन की कार्यवाही करा दी गई है, जो वैधानिक नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा- सुप्रीम कोर्ट में इसके मेंटेनेबिलिटी की ही अर्जी डाली गई है। सुप्रीम कोर्ट ने आपको सुनने के लिए कहा है। इसलिए पहले इसी अर्जी पर सुनवाई होनी चाहिए।

दूसरी ओर वादी हरिशंकर जैन के बेटे और हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि उनके पिता बीमार चल रहे हैं, इसलिए कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सकते। विष्णु शंकर जैन ने कुछ दिन पहले हुए कमीशन की कार्रवाई में भी कहा था कि अभी उसकी प्रति ही मिली है। बाकी फोटो और वीडियो का अध्ययन नहीं हुआ है। ऐसे में सर्वे से जुड़े फोटो और वीडियो भी उपलब्ध कराते हुए उसके अध्ययन के लिए समय दिया जाए।

इससे पहले सोमवार को जिला अदालत में हुई पहले दिन की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील महेंद्र नाथ पांडे ने भी अपनी बातें रखी थीं। इसमें उन्होंने कहा था कि सर्वे के बाद से ही वादी और जिला प्रशासन की अर्जी लंबित है। उसे प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम पक्ष की ओर से मेंटेनेबिलिटी से संबंधित जो आवेदन लंबित है, उसकी प्रति भी अभी नहीं मिली है। बहरहाल, मंगलवार को जिला अदालत ने कई याचिकाओं पर सुनवाई नहीं की, जिनमें एक याचिका ज्ञानवापी में पूजा अर्चना के लिए दी गई थी।

Leave a comment

Your email address will not be published.

three × three =

ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
सब शरद पवार कर रहे हैं!
सब शरद पवार कर रहे हैं!