देश के अमीरों पर लगे भारी कर : सपा

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के सदस्य रवि प्रकाश वर्मा ने आम बजट 2020-21 में विभिन्न मदों के लिए किये गये आवंटन पर असंतोष जताते हुये साेमवार को राज्यसभा में कहा कि देश की फीसदी आबादी के पास इतनी संपत्ति है कि उनसे सात लाख करोड़ रुपये का कर वसूलकर उसे गरीबों के लिए उपयोग किया जा सकता है।

वर्मा ने बजट पर चर्चा में भाग लेते हुये कहा कि गरीब, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए इस बजट मेंं पर्याप्त आवंटन नहीं किया गया है लेकिन देश की एक फीसदी के पास इतनी संपत्ति है कि उन पर कर लगाकर सात लाख करोड़ रुपये की राशि जुटायी जा सकती है और उनका उपयोग गरीबों के लिए किया जा सकता है।

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उन्होंने कहा कि देश की कुल आबादी में करीब 65 फीसदी युवा हैं और उनके भविष्य तथा सपने को पूरा करने के लिए इसमें कोई उपाय नहीं किया गया है। युवाओं को रोजगार के बारे में बजट में कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की आधी अाबादी महिलाओं की है और उनके घरेलू कार्याें का मूल्याकंन कराने की बात नहीं की गयी है। इससे पता चलता है उनका देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में क्या योगदान है।

वर्मा ने चीन में फैले कोरोना वायरस का उल्लेख करते हुये कहा कि भारत में इस तरह की बीमारियों से निपटने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। बजट में भी स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए जीडीपी का 2.3 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है जबकि यह 5 प्रतिशत होनी चाहिए थी। बीजू जनता दल के प्रशांत नंदा ने बजट में किये गये प्रावधानों का उल्लेख करते हुये कहा कि दीर्घकालिक पूंजीगत कर को कम किये जाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अधिक आवंटन की जरूरत थी। मनरेगा के लिए आवंटन बढ़ाने की आवश्यकता बताते हुये उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने की बात की जा रही है लेकिन पांरपरिक कृषि से ऐसा संभव नहीं हो सकता है। इसके लिए बागवनी और नकदी फसलों पर अधिक जोर देने की जरूरत है।

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