राजस्व बढ़ाने के लिए देश में यहां पेट्रोल पंप और डिपार्टमेंट स्टोर पर भी बिकेगी शराब.... - Naya India
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राजस्व बढ़ाने के लिए देश में यहां पेट्रोल पंप और डिपार्टमेंट स्टोर पर भी बिकेगी शराब….

New Delhi: देश में कोरोना की लहर से ना सिर्फ हाहाकार मचा है बल्कि बाजार पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ा है. कई राज्य सरकारों के खजाने पूरी तरह से खाली हो चुके हैं. अब इस संबंध में राज्यों की सरकारें अलग-अलग कदम उठाकर अपना खजाना भरने के प्रयास में लगी है. इस संबंध में राजस्थान में सरकार ने भी ऐलान किया है कि वह पान, बीड़ी, गुटखा और सिगरेट के दामों में वृद्धि करने वाली है जिससे कि कोरोना काल में खाली हुए खजाने की भरपाई हो सके. इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश में भी है बड़ा फैसला लिया गया है. राजस्व की प्राप्ति के लिए हिमाचल प्रदेश की जय राम ठाकुर कैबिनेट ने एक नई लिकर पॉलिसी को मंजूरी दे दी है. इस पॉलिसी के तहत अब भारत में निर्मित विदेशी शराब के कम कीमत वाले ब्रांड सस्ते किए जाएंगे. इसके लिए लाइसेंस फीस के साथ ही एक्साइज ड्यूटी में भी कटौती की गई है.

अब यहां भी मिलेगी शराब

हिमाचल सरकार ने लक्ष्य रखा है कि इस आबकारी नीति से कम से कम 1829 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति हो सके. कुरौना के कारण ठंडे बाजार और राजस्व में आई कमी को देखते हुए हिमाचल सरकार ने आभा कार्य वर्ष 2020 21 को एक माह बढ़ाकर 30 जून 2021 तक करने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही कुछ नए लाइसेंस जारी करने के बाद अब हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए कई नई वाइन उत्पादन इकाइयों को मंजूरी देने की तैयारी की गई है. इसका अर्थ यह हुआ कि अब लोगों को पेट्रोल पंप और डिपार्टमेंट स्टोर पर भी शराब मिल सकेगी. साथ ही होटलों के बार में शराब के कोटे में 50% की कटौती की गई है.

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शराब तस्करी के लिए उठाया गया ये कदम

हिमाचल प्रदेश सरकार शराब तस्करी और अवैध व्यापार से लगातार परेशान रही है. बता दे कि हिमाचल प्रदेश के अगल-बगल के राज्य में शराब की भारी मात्रा में तस्करी होती है यही कारण है कि सरकार के राजकोष पर इसका प्रभाव पड़ता है. अब इस राजस्व घाटे को रोकने के लिए सरकार ने आबकारी एवं कराधान विभाग में आबाकारी पुलिस को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. हिमाचल प्रदेश सरकार का मानना है कि हमने यह निर्णय सभी वर्गों के अधिकारियों से फीडबैक लेने के बाद ही लिया है उम्मीद है कि इससे राजस्व को सही किया जा सकेगा.

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