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भारत बायोटेक अब जल्द ही बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल कर सकता है शुरु, इस साल के अंत में आ सकती वैक्सीन

देश लगभग सवा साल से कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है। लोगों के लिए कोरोना काल बनता जा रहा है। इस बीच लोगो के लिए वैक्सीन की खुशखबरी भी आयी है। फिलहाल 18-45 वर्ष के लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। और अब जल्द ही बच्चों के लिए वैक्सीन भी तैयार की जाएगी। जल्द ही 2 से 18 साल के बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू किया जा सकता है। बता दें कि हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने 2 से 18 साल के बच्चों पर वैक्सीन के ट्रायल की अनुमति मांगी थी। जल्द ही बच्चों पर ट्रायल शुरु किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में कोरोना वायरस की तीसरी लहर दस्तक देने वाली है। यह सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों पर डालेगी। इसको लेकर पेरेंटस के बीच टेंशन बनी हुई थी। उम्मीद है कि इस खबर से उन्हें थोड़ी सी राहत मिलेगी।

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इस साल के अंत में आ सकती है वैक्सीन

बता दें कि एक विशेषज्ञ समिति ने मंगलवार को 2-18 आयुवर्ग के लिए भारत बायोटेक के कोविड-19 टीके कोवैक्सीन के दूसरे/तीसरे चरण के लिए परीक्षण की सिफारिश की थी। यह ट्रायल AIIMS दिल्ली, AIIMS पटना और मेडिट्रिना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नागपुर में 525 विषयों पर किया जाएगा। ट्रायल की अनुमति मिलने के बाद भारत बायोटेक ने दावा किया कि सब कुछ ठीक रहा तो 2 वर्ष से 18 वर्ष के बच्चों के लिए वैक्सीन इस साल के आखिर तक आ सकती है। बता दें कि भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन टीके की दो साल से 18 साल के बच्चों में सुरक्षा और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने समेत अन्य चीजों का आकलन करने के लिए परीक्षण के दूसरे/तीसरे चरण की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था।

डेटा मॉनिटरिंग बोर्ड को देना होगा ट्रायल डेटा

सूत्रों के मुताबिक एक्सपर्ट्स कमेटी ने कंपनी को तीसरे फेज के ट्रायल के लिए CDSCO से अनुमति लेने से पहले डेटा एंड सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड (DSMB) को दूसरे फेज का सुरक्षा डेटा मुहैया करने का निर्देश दिया है। इससे पहले 24 फरवरी को हुई बैठक में प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया था और भारत बायोटेक को रिवाइज्ड क्लिनिकल ट्रायल प्रोटोकॉल पेश करने का निर्देश दिया गया था।

18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को लग रही है वैक्सीन

बता दें कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से भारत बायोटेक द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित कोवैक्सिन टीके का उपयोग देश में वैक्सीनेशन प्रोग्राम के लिए 18+ के लिए किया जा रहा है। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना का टीकाकरण किया जा रहा है। भारत में कोरोना वैक्सीन जनवरी 2021 से लगायी जा रही है। सबसे पहली वैक्सीन दिल्ली एम्स के मनीष कुमार को लगी थी। भारत में कोरोना का टीकाकरण चरम पर है। ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें भाग ले रहे है। कोरोना से बचने का एकमात्र उपाय वैक्सीन ही है।

कनाडा ने सबसे पहले दी थी बच्चों को वैक्सीन देने की मंजूरी

इससे पहले सोमवार को ही अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (US-FDA) ने 12 से 15 साल के बच्चों के लिए फाइजर-बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन को इजाजत दी है। अब तक यह वैक्सीन 16 साल से ज्यादा उम्र वालों को लगाई जा रही थी। इससे पहले कनाडा बच्चों की इस पहली वैक्सीन को इजाजत दे चुका है। ऐसा करने वाला दुनिया का वह पहला देश है। माना जा रहा है कि 12 से 15 साल तक के बच्चों के वैक्सीनेशन से अमेरिका में बड़ी संख्या में स्कूल और समर कैंप खुलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

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