nayaindia La Nina Impact : ‘ला नीना’ का देखेगा असर, पड़ेगी कड़ाके की ठंड!
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देश में इस बार होगी सामान्य से अधिक बारिश, पड़ेगी कड़ाके की ठंड! ‘ला नीना’ का देखेगा असर

नई दिल्ली | देश में इस बार मानसून 2021 (Monsoon 2021) जमकर बरस रहा है। कई राज्यों में तो इतनी ज्यादा बारिश हो चुकी है कि कई सालों के रिकाॅर्ड तोड़ डाले है। कई इलाके बाढ़ से प्रभावित है। ऐसे में अब भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भारत में ठंड को लेकर भी चेताया है। मौसम विभाग की माने तो इस बार देशवासी कड़ाके की ठंड से कांपने वाले हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रशांत सागरीय स्थिति को प्रभावित करने वाली ला नीना (La Nina Impact) की स्थिति सितंबर तक लौट सकती है। वैश्विक मौसम से जुड़ी ला नीना की स्थिति के कारण भारत में सामान्य से ज्यादा मौसमी बारिश और कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है। IMD ने चेताते हुए कहा है कि, देश में अगस्त और सितंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है जिससे ‘ला नीना’ की स्थिति बनेगी।

Flood in Rajasthan

पिछली साल भी सामान्य से अधिक बारिश, जल्दी शुरू हुई थी सर्दियां
भारत में पिछली बार ला नीना (La Nina Impact) के लिए सामान्य से ज्यादा बारिश हुई थी और सर्दियां जल्दी शुरू हो गई थीं, जिसके बाद लोगों को कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ी थी। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बारे में अभी भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी।

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क्या होता है ‘ला नीना’ (La Nina)
भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर क्षेत्र के सतह पर निम्न हवा का दबाव होने पर ये स्थिति पैदा होती है। इसकी उत्पत्ति के अलग-अलग कारण माने जाते हैं लेकिन सबसे प्रमुख कारण ये तब पैदा होता है, जब ट्रेड विंड, पूर्व से बहने वाली हवा काफी तेज गति से बहती हैं। इससे समुद्री सतह का तापमान काफी कम हो जाता है। इसका सीधा असर दुनियाभर के तापमान पर होता है और तापमान औसत से अधिक ठंडा हो जाता है। भारत में इस दौरान भयंकर ठंड पड़ती है।

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इस संबंध में IMD के क्लाइमेट मॉनिटरिंग एंड प्रिडिक्शन ग्रुप के हेड ओपी श्रीजीत ने बताया कि, दक्षिण पश्चिम मानसून के चलते हुई अच्छी बारिश से जुड़ा एमएमसीएफएस मॉडल सितंबर से ला नीना की उच्च संभावना (La Nina Effect on India) को दर्शाता है। साथ ही बारिश के चलते बादल होने से सामान्य तापमान नीचे रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि IMD जल्द ही अगस्त के लिए मानसून की स्थिति को लेकर भविष्यवाणी कर सकता है।

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