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रेलवे ने कहा, लंबी दूरी की घोषित नियमित एवं स्पेशल ट्रेनें चलती रहेंगी, शुरू हुई 2 स्पेशल ट्रेनें

New Delhi: भारतीय रेलवे (Indian Railways)  यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी कर रहा है. बड़े शहरों से अपने गृहनगरों में जाने के लिए प्रवासी श्रमिकों की भीड़ को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे ने अपनी ट्रेन सेवाओं को लगातार बढ़ाया है. ताकि यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा यात्रा विकल्प मिल सके. यात्रियों की संख्या को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें (Special Train) चलाने का निर्णय लिया है. इन ट्रेनों की बुकिंग आज दोपहर 3 बजे से शुरू हो जाएगी. रेलवे द्वारा चलाई जा रही इन ट्रेनों में अगर आप भी रिजर्वेशन कराने चाह रहे हैं तो इनकी बुकिंग आज दोपहर 3 बजे से शुरू हो रही है. 16.4.2021 से 30.4.2021 तक चलेंगी ये ट्रेनें ट्रेन नंबर – 01315 सोलापुर – प्रयागराज जं. स्पेशल ट्रेन प्रस्थान 21.00 बजे प्रत्येक शुक्रवार एवं सोमवार दिनांक 16.4.2021 से 30.4.2021 तक चलेंगी.

ट्रेन नंबर – 01453 पुणे – गोरखपुर स्पेशल ट्रेन

प्रस्थान 20.20 बजे दिनांक 16.4.2021, 23.4.2021 तथा 30.4.2021

कन्फर्म टिकट धारक यात्रियों को ही ट्रेन में बोर्डिंग

मध्य रेलवे ने ट्वीट कर कहा, ‘यात्री कृपया ध्यान दें ‘पैनिक न हो, ट्रेनें चलती रहेंगी’. लोगों को स्पष्ट किया जाता है कि लंबी दूरी की घोषित नियमित एवं स्पेशल ट्रेनें चलती रहेंगी. रेलवे बोर्ड ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा, लगातार समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है. लोगों को स्पष्ट किया जाता है कि लंबी दूरी की घोषित नियमित एवं स्पेशल ट्रेनें चलती रहेंगीं, इन सभी स्पेशल ट्रेनों में कोविड-19 के नियमों व मानदंडों के पालन हेतु केवल कन्फर्म टिकट धारक यात्रियों को ही ट्रेन में बोर्डिंग की अनुमति है.

90 मिनट पहले ही पहुंचे स्टेशन

रेलवे ने कहा, लोगों से अनुरोध है कि वे पैनिक न करें और स्टेशनों की ओर भीड न करें, केवल 90 मिनट पहले ही स्टेशन पहुंचे. रेलवे वेटिंग लिस्ट पर लगातार निगाह रखे हुए हैं. जैसी आवश्कता होगी उस हिसाब से अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी.

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कोरोना से मरने वालों के परिजनों को सरकार मुआवजा नहीं दे सकेगी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह कोरोना से मरने वाले हर मरीज के परिजनों को मुआवजा नहीं दे सकती है। कोरोना से मरे लोगों के परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार ने अपना हलफनामा दायर किया है, जिसमें उसने कहा है कि वह सबको मुआवजा नहीं दे सकती है। केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा है कि कोरोना से जिनकी मौत हुई है, उनके परिवारों को सरकार चार लाख रुपए का मुआवजा नहीं दे सकेगी। साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कोरोना से होने वाली हर मौत को कोविड मौत के रूप में दर्ज किया जाएगा।

सरकार ने कहा है कि आपदा कानून के तहत अनिवार्य मुआवजा सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़ आदि पर ही लागू होता है। सरकार का कहना है कि अगर एक बीमारी से होने वाली मौत पर मुआवजा दिया जाए और दूसरी पर नहीं, तो यह गलत होगा। केंद्र ने 183 पन्नों के अपने हलफनामे में यह भी कहा है कि इस तरह का भुगतान राज्यों के पास उपलब्ध राज्य आपदा मोचन कोष यानी एसडीआरएफ से होता है। अगर राज्यों को हर मौत के लिए चार लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया गया, तो उनका पूरा फंड ही खत्म हो जाएगा।

केंद्र का कहना है कि अगर कोरोना से मरे लोगों को चार लाख का मुआवजा देने का राज्यों को निर्देश दिया गया तो इससे कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई के साथ ही बाढ़, चक्रवात जैसी आपदाओं से भी लड़ पाना असंभव हो जाएगा। केंद्र ने अदालत को बताया कि कोरोना से होने वाली सभी मौतों को कोविड से हुई मौत के रूप में ही रिकार्ड किया जाना चाहिए। फिर चाहे वह मौतें कहीं भी क्यों न हुईं हों।

गौरतलब है कि अब तक सिर्फ अस्पतालों में हुई कोरोना संक्रमितों की मौत को ही कोविड डेथ के रूप में रिकार्ड किया जाता था। घर पर या अस्पताल की पार्किंग या गेट पर होने वाली मौतों को भी कोविड रिकार्ड में दर्ज नहीं किया जा रहा था। इस वजह से मौत के आंकड़ों में विसंगतियां देखने को मिल रही थीं। सरकार ने इस तरह की हर मौत को कोविड डेथ के रूप में दर्ज करने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को करेगा।

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