नजरबंद फारूक अब्दुल्ला रिहा होंगे


श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा सदस्य फारूक अब्दुल्ला की रिहाई का रास्ता अब साफ हो गया है, क्योंकि प्रशासन ने आज कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत की गई उनकी नजरबंदी समाप्त कर दी गई है।

केंद्र शासित राज्य प्रशासन के प्रवक्ता रोहित कंसल ने आज कहा, सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के अंतर्गत उनकी नजरबंदी को रद्द कर दिया गया है।

आदेश में कहा गया है, जम्मू एवं कश्मीर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम 1978 की धारा 19 (1) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए नजरबंदी के आदेश, जिसे तीन-तीन महीनों की अतरिक्त अवधि के लिए बढ़ा दिया गया था, को सरकार ने तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। श्रीनगर के उपायुग्क्त साहिद चौधरी ने कहा, पीएसए के रद्द किए जाने के बाद से अब उन पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं है।

हालांकि, एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि अब्दुल्ला पर लगे पीएसए को रद्द कर दिया गया है पर इस बाबत आदेशों को क्रियान्वित करने में समय लगेगा। संसद द्वारा अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने और जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेकर उसे अलग-अलग दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर व लद्दाख बनाए जाने के बाद से अब्दुल्ला को श्रीनगर शहर स्थित उनके अपने निवास में कड़ी सुरक्षा के बीच नजरबंद रखा गया था।


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