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बिहार में ‘जीविका दीदी’ करेंगी मास्क की कमी दूर

पटना। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए राज्य और केंद्र सरकार लगातार एहतियाती कदम उठा रही है। इस बीच मास्क और सेनिटाइजर की कमी को देखते हुए सरकार अब बिहार रूरल लाइवलिहुड प्रोजेक्ट (जीविका) के तहत महिलाओं द्वारा मास्क तैयार करवाने की योजना बनाई है।

कई जिलों में इसका निर्माण शुरू कर दिया गया है। बिहार के एक अधिकारी ने बताया कि कई स्थानों पर इन महिलाओं द्वारा मास्क बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। जहां काम शुरू नहीं हुआ है, वहां भी जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।

इन महिलाओं को मास्क बनाने का प्रशिक्षण स्टार्टअप विलेज इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत दिलाया गया है। गया जिले के बोधगया में एक समूह से जुड़ी महिला रूपा देवी बताती हैं कि विभिन्न समूह की महिलाओं द्वारा दो तरह के मास्क बनाए जा रहे हैं। महिलाओं द्वारा तैयार मास्क को बाजार में बेचा जा रहा है।

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उन्होंने कहा कि मास्क बनाने में जिंदापुर, शेखवारा, कोलहौरा, मोचारीम सहित लगभग 20 गांव की 35 महिलाएं जुटी हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल प्रतिदिन एक हजार मास्क बनाने का सामग्री उन लोगों को उपलब्ध कराया गया है। लेकिन, अभी चार-पांच सौ मास्क बना रही हैं। कोरोना वायरस के कारण यह गया-बोधगया के बाजार में आसानी से बिक जा रहा है।

बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। जीविका द्वारा तैयार मास्क बहुत जल्द लोगों के लिए उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि चार जिलों में मास्क बनाने का काम शुरू कर दिया है।

उन्होंने कहा कि करीब 10 जिलों में मास्क बनाने के काम जल्द शुरू होगा। सरकार का मानना है कि बिहार में 10 हजार मास्क प्रतिदिन बनाया जा सकेगा, जिससे इसकी कमी को बहुत हद तक दूर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हाजीपुर में स्थित एक कंपनी को सेनिटाइजर बनाने का लाइसेंस दिया जा रहा है, जहां शीघ्र ही सेनिटाइजर बनेगा।

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मुख्य सचिव ने कहा, लोगों को अनाज समेत अन्य पदार्थ की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। इनकी बिक्री करने वाले दुकानों को भी बंद नहीं कराया गया है। खाद्यान्न लेकर आने वाले ट्रकों और अन्य वाहनों को रोका नहीं जाएगा।

इस बीच, खाद्य सामानों की कालाबाजारी पर की सूचना के बाद राज्य सरकार सख्त हुई है। पटना में खाद्यान्न सामाग्रियों को रोकने के लिए टास्क फोर्स गठित किया गया है। शहर के अंदर 12 टीम छापेमारी करेगी। साथ ही कालाबाजारी रोकने के लिए यह मालिकों से मिलेगा। खाद्य पदार्थ इकाई से जुड़े मिल, चक्की, फ्लोर मील, चावल मील आदि को लॉकडाउन से बाहर रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि बिहार में लॉकडाउन के बाद खाद्यान्न सामाग्रियों के दाम आसमान छुने लगे हैं। मास्क और सेनिटाइजरों के दामों में भी इजाफा हुआ है। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के शहरी इलाकों में लॉकडाउन लगाया गया था। बाद में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने राष्ट्र के नाम संदेश में पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी।

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