जेपी नड्डा ने मुखर्जी की संदिग्ध मौत के मामले में नेहरू पर साधा निशाना -
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जेपी नड्डा ने मुखर्जी की संदिग्ध मौत के मामले में नेहरू पर साधा निशाना

नई दिल्ली। जनसंघ संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भाजपा ने एक बार फिर उनकी संदिग्ध मौत के मामले को उठाते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर निशाना साधा है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संदिग्ध मौत की जांच न कराए जाने पर नेहरू की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। पश्चिम बंगाल में सोमवार को हुई वर्चुअल रैली में जेपी नड्डा ने श्रीनगर में सेहत बिगड़ने पर उनके इलाज को लेकर भी सवाल खड़े किए।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, जो व्यक्ति 11 जून 1953 को स्वस्थ रूप में जम्मू-कश्मीर पहुंचता है। उस व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद अचानक 23 जून को कैसे जीवनलीला समाप्त हो जाती है। अस्पताल में कितने समय तक वह रहे, डॉक्टरों ने कौन सी दवाई उन्हें दी।

तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू और गृहमंत्री उस वक्त जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने जेल में बंद विपक्ष के नेता के बारे में कोई जानकारी नहीं ली। यह उनका प्रजातांत्रिक चेहरा था। भाजपा अध्यक्ष ने संदेहास्पद मौत की जांच न होने को लेकर भी सवाल खड़े किए।

उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी की मां ने बेटे की मौत की जांच को लेकर प्रधानमंत्री नेहरू को पत्र लिखा था, मगर उन्होंने मंजूरी ही नहीं दी। इंक्वायरी न होने देना, नेहरू का प्रजातांत्रिक चेहरा बताता है। श्रीनगर से जब मुखर्जी का पार्थिव शरीर कलकत्ता ले जाना था, तब वहां पहुंचे शेख अब्दुल्ला से जब इस मसले पर पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इन्कार किया। सोचिए, मानवता का पक्ष कितना दर्दनाक था।

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