Kavadis came in disguise : टैंकरों से गंगाजल भिजवाने को राजी हुआ उत्तराखंड, भेष बदलकर हरिद्वार पहुंचने लगे कावड़िये..
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kawad yatra 2021: टैंकरों से गंगाजल भिजवाने को राजी हुआ उत्तराखंड, भेष बदलकर हरिद्वार पहुंचने लगे कावड़िये..

Kavadis came in disguise

श्रावण मास के पवित्र महीने से शुरु होने वाली कावड़ यात्रा को उत्तराखंड सरकार ने रद्द कर दी है। उत्तराखंड के बाद राजस्थान की गहलोत सरकार ने भी कोवड़ यात्रा पर रोक लगा दी है। ( Kavadis came in disguise ) सुप्रीम कोर्ट के दखल और निर्देशों के बाद उत्तराखंड ने औपचारिक तौर पर ऐलान कर दिया है कि यदि अन्य राज्यों से गंगाजल की मांग होगी तो इसकी भी आपूर्ति की जाएगी। लेकिन टेंकरों की व्यवस्था कैसे होगी इस बात की चिंता के साथ अब उत्तराखंड सरकार के समक्ष एक और समस्या आ खड़ी हुई है कि भेष बदलकर आ रहे कावड़ियों को कैसे रोका जाएं। जब यात्रा चालू रहती थी तब लोग कावड़ियों के रूप में ही आते थे। लेकिन एब देशव्यापी रोक के बाद कावड़िये रूप बदलकर सीमा में प्रवेश कर रहे है। यब सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर आयी है। ऐसे में कावड़ियों की पहचान कर पाना भी मुश्किल है।

Kavadis came in disguise

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मुख्य सचिव के हवाले से एएनआई का ट्वीट

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने ट्वीट में लिखा कि कांवड़ मेले के दौरान अगर राज्यों से गंगाजल लाने की मांग होगी तो हम पूरा सहयोग करेंगे। गंगाजल राज्यों तक पहुचाएंगे। ( Kavadis came in disguise ) पानी के टैंकरों के माध्यम से हरिद्वार से गंगाजल ले जाने की अनुमति मिलेगी। बता दें कि उत्तराखंड ने कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया है जबकि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कावड़ यात्रा को मंज़ूरी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल देकर यूपी सरकार से जवाब मांगा और यह भी कहा था कि गंगाजल के लिए व्यवस्था की जानी चाहिए। इसी संदर्भ में पहले भी हरिद्वार प्रशासन ने टैंकरों से व्यवस्था की बात कही थी।

भेष बदलकर आए कावड़िये

कोरोना के भय को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने लगातार दूसरे साल कोवड़ यात्रा को रद्द किया है। लेकिन कावड़िये सरकार के खिलाफ उल्टी चाल चल रहे है।( Kavadis came in disguise ) इस साल कावड़िये अपना रूप बदलकर हरिद्वार में प्रवेश कर रहे है। ऐसे में कावड़ियों को पहचान पाना मुश्किल हो रहा है। खबरों की मानें तो देहरादून से शनिवार को कुछ कांवड़ियों को हरिद्वार जाते देखा गया और अन्य राज्यों से भी पर्यटकों के तौर पर कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने की  खबरें हैं। हालांकि पुलिस इस बात से इनकार कर रही है। छूट के बाद लोग पहाड़ों की ओर घूमने भी जा रहे है ऐसे में पर्यटकों और कावड़ियों की पहचान नहीं की जा रही है।

Kavadis came in disguise

24 जुलाई से सीमा सील ( Kavadis came in disguise )

हरिद्वार की सीमा को 24 जुलाई से कांवड़ियों के लिए सील कर दी जाएगी। क्योंकि 25 जुलाई से सावन शुरु हो रहे है। ( Kavadis came in disguise ) पुलिस विभाग के मुताबिक सीमा पर सख्ती 22 जुलाई से बढ़ाई जाएगी। इस पूरे इंतज़ाम को देखते हुए कांवड़ यात्री पहले ही ​प्रवेश करने की जुगाड़ कर रहे हैं और पर्यटन के बहाने से हरिद्वार पहुंचने लगे हैं। लेकिन एसएसपी योगेंद्र सिंह रावत के हवाले से खबरें कह रही हैं कि ऐसी कोई सूचना नहीं है। आशारोड़ी बैरियर पर चेकिंग अब भी जारी है, जिसे आने वाले दिनों में और सख्त किया जाएगा।

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