Know about Kashi's Rudraksha : जानिए नेपाल की नायाब भेंट रूद्राक्ष के बारे में, जिसका पीएम मोदी आज करेंगे उदघाटन..जानिए इसकी खूबियां
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जानिए जापान की नायाब भेंट रुद्राक्ष के बारे में, जिसका पीएम मोदी आज करेंगे उदघाटन..जानिए इसकी खूबियां

Know about Kashi's Rudraksha

वाराणसी |  आज यानि 15 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी आए है। पीएम मोदी सुबह 10:30 बजे वाराणसी पहुंच चुके है। और एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीएम को लेने पहुंचे। ( Know about Kashi’s Rudraksha ) वायुसेना के विशेष विमान से पीएम मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। वाराणसी की राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्‍यनाथ, मंत्री आशुतोष टंडन और राधामोहन सिंह समेत कई नेता उनका स्वागत करते दिखाई दिए। प्रधानमंत्री मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी  में करीब आठ महीने बाद पहुंचे है। वह करीब पांच घंटे का वक्‍त यहां बिताएंगे और अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर रुद्राक्ष समेत 1474 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम के दौरान रुद्राक्ष कन्वेंशन सेण्टर में इन्डोजापन कला और संस्कृति की झलक भी दिखेगी। लेकिन ये रुद्राक्ष क्या है, कब बना इसकी खूबियां जानते है इसके बारे में…

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2015 में रखी गई थी रुद्राक्ष की नींव ( Know about Kashi’s Rudraksha )

भारत में भगवान के प्रति बड़ी ही आस्था है यहां के पर्यटन स्थल में भी आपको अधिकतर मंदिर ही मिलेंगे। अनोखे और चमत्कारी मंदिर। ( Know about Kashi’s Rudraksha )  भगवान भोले की नगरी काशी और दुनिया के सबसे प्राचीन और जीवंत शहर को जापान ने भारत को दोस्ती का एक ऐसा अज़ीज़ तोहफ़ा रुद्राक्ष के रूप में दिया है। जहां  आप बड़े म्यूजिक कंसर्न , कांफ्रेंस,नाटक और प्रदर्शनियां जैसे कई अन्य कार्यक्रम दुनिया के बेहतरीन उपकरणों और सुविधाओं के साथ कर सकते है। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की नींव 2015 में रखी गई थी जब जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी लेकर आए थे।

काशी के रुद्राक्ष की खूबियां

वाराणसी में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेण्टर का आकार शिवलिंग की आकृति के आकार का ही है। इसका नाम भोलेनाथ की नगरी के अनुरूप रुद्राक्ष है। इसमें स्टील के 108  रुद्राक्ष के दाने भी लगाए गए है। ( Know about Kashi’s Rudraksha ) रुद्राक्ष  देखने में जितना खूबसूरत है उतनी ही खूबसूरत इसमें खूबियां भी है। जितना ये देखने में  लग रहा है ,उतनी ही इसकी खूबियां भी है। रुद्राक्ष वाराणसी के सिगरा में स्थित है। रुद्राक्ष तीन एकड़ (13196 sq mt ) में फैला हुआ है। रुद्राक्ष कन्वेंसन सेण्टर के बनाने में 186 करोड़ की लागत से बना है। रुद्राक्ष में 120 गाड़ियों की पार्किंग  बेसमेंट में हो सकती है। ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लॉर को लेकर हाल होगा जिसमे वियतनाम से मंगाई गई कुर्सियों पर 1200 लोग एक साथ बैठ सकते है। इस में दिव्यांगों के लिए अलग से इंतजाम कर रखे है। दिव्यांगों के लिए भी दोनों दरवाजो के पास 6 -6 व्हील चेयर का इंतज़ाम है। दिव्यांगों के लिए शौचालय भी उनके हिसाब से फ्रेंडली बनाए गए है।  हाल में बैठने की Capacity पार्टीशन के हिसाब से कम या ज़्यादा भी किया जा सकता है। इसके अलावा आधुनिक ग्रीन रूम भी बनाया गया है। 150 लोगों की छमता वाला  दो कॉन्फ्रेंस हाल या गैलरी  भी है। जो दुनिया के आधुनिकतम उपकरणों से सुसज्जित  है। इस  हॉल को भी जरूरत के हिसाब से छोटा या बड़ा भी किया जा सकता है।

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छोटा जैपनीज़ गार्डन के साथ अन्य कई स्थल ( Know about Kashi’s Rudraksha )

वारामसी में रुद्राक्ष की फंडिग का ठेका जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी ने लिया है। रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की डिजाइन जापान की कंपनी ओरिएण्टल कंसल्टेंट ग्लोबल ने तैयार की है। ( Know about Kashi’s Rudraksha )  और इसका निर्माण का काम भी जापान की फुजिता कॉरपोरेशन नाम की कंपनी ने किया है। रुद्राक्ष में छोटा जैपनीज़ गार्डन बनाया गया है।  110 किलोवाट की ऊर्जा के लिए सोलर प्लांट लगा है। रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में वीआईपी रूप और उनके आने-जाने  का रास्ता भी अलग से है । रुद्राक्ष को वातानुकूलित बनाने के लिए इटली के उपकरण लगाए गए है। दीवारों पर लगे ईंट भी ताप को रोकते और कॉन्क्रीट के साथ फ्लाई ऐश का भी इस्तेमाल किया गया  है। निर्माण और उपयोग की चीजों को देखते हुए ,ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटेट असेसमेंट की और से रुद्राक्ष को तीन ग्रेडिंग मिली है। रुद्राक्ष में सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए है। निगरानी रखने के लिए कैमरा समेत अन्य सुरक्षा उपकरण लगाए गए है। आग से भी सुरक्षा के उपकरणों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर का निर्माण 10 जुलाई 2018 को शुरू हुआ था । अब  भारत जापान की दोस्ती का प्रतीक रुद्राक्ष बन कर तैयार हो गया है। और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस भव्य रूद्राक्ष का उदघाटन करने वाले है।

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